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“पाकिस्तान कबीलाई और लुटेरी मानसिकता का शिकार”

पाकिस्तान आर्मी चीफ़ पर राजनाथ सिंह का तीखा हमला

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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को पाकिस्तान आर्मी चीफ़ फील्ड मार्शल असीम मुनीर के हालिया परमाणु बयान और भारत-पाक तुलना पर करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत की ताकत पर कोई भ्रम नहीं पालना चाहिए, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर ने पहले ही नई दिल्ली के सख़्त रुख़ को दुनिया के सामने ला दिया है। आर्थिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में भाषण देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “पाकिस्तान आर्मी चीफ़ ने जानबूझकर या अनजाने में उस कबीलाई और लुटेरी मानसिकता की ओर इशारा किया है, जिसका पाकिस्तान अपनी स्थापना से शिकार रहा है।”

उन्होंने असीम मुनीर की उस टिप्पणी को भी कटघरे में खड़ा किया, जिसमें भारत को मर्सिडीज़ और पाकिस्तान को कंकड़-पत्थर भरा डंपर ट्रक कहा गया था। राजनाथ सिंह ने कहा, “अगर दो देश साथ आज़ाद हुए और एक ने सही नीतियों, दृष्टि और मेहनत से स्पोर्ट्स कार जैसी अर्थव्यवस्था बनाई, जबकि दूसरा असफलताओं में उलझा रह गया तो यह उनकी अपनी नाकामी है। यह मज़ाक नहीं, बल्कि स्वीकारोक्ति है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि 7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर ने साफ कर दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोगों की जान गई) के बाद की गई थी। इन हमलों के जवाब में भारत ने पाकिस्तान-अधिकृत इलाकों में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। 10 मई को दोनों देशों के बीच गोलीबारी रोकने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत की समृद्धि के साथ-साथ, हमारी रक्षा क्षमता और राष्ट्रीय सम्मान के लिए हमारी संघर्षशीलता भी उतनी ही प्रबल रहे। ऑपरेशन सिंदूर ने पहले ही हमारा दृढ़ संकल्प दिखा दिया है। हम पाकिस्तान के मन में भारत की ताकत के बारे में कोई भ्रम नहीं पनपने देंगे।”

राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारी परंपरा में ताक़त का मापदंड आदेश देने की क्षमता नहीं, बल्कि देखभाल करने की क्षमता है। हम संकीर्ण हितों की बजाय वैश्विक कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं।” अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने विदेशी कंपनियों से भारत के रक्षा क्षेत्र में निवेश करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ा रहा है और इसके लिए वैश्विक साझेदारी का स्वागत करता है।

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