रामलला प्राण प्रतिष्ठा: LIVE प्रसारण पर साइबर हमले का खतरा, अलर्ट

इसका सीधा प्रसारण टीवी, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। इस लाइव प्रसारण पर वैसे भी साइबर अटैक का खतरा है। सरकार ने सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं क्योंकि राज्याभिषेक समारोह के दौरान साइबर हमला हो सकता है|

रामलला प्राण प्रतिष्ठा: LIVE प्रसारण पर साइबर हमले का खतरा, अलर्ट

Ramlala Pran Pratisthapan program: Threat of cyber attack on LIVE broadcast; Government alert!

अयोध्या में श्रीराम मंदिर का उद्घाटन होगा|इस मौके पर रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी आयोजित किया जाएगा| अयोध्या के राम मंदिर से लेकर रामलला प्राणप्रतिष्ठापना समारोह कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा| इसका सीधा प्रसारण टीवी, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। इस लाइव प्रसारण पर वैसे भी साइबर अटैक का खतरा है। सरकार ने सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं क्योंकि राज्याभिषेक समारोह के दौरान साइबर हमला हो सकता है|

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिये हैं| अगले तीन दिनों तक सरकार की किसी भी वेबसाइट में कोई नई मरम्मत या शोध का काम नहीं किया जाएगा| मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सरकारी वेबसाइटों और पोर्टलों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने का आदेश दिया है|

पत्र जारी : मुख्य सचिव ने सभी प्रधान सचिवों को पत्र लिखकर सावधानी बरतने की चेतावनी दी है| राज्याभिषेक समारोह को टालने के लिए मुख्य सचिव ने ये आदेश जारी किये हैं| विभागीय वेबसाइटों को भी पत्र भेजकर साइबर हमले की सूचना दी गई है। सोमवार को अयोध्या में रामलला का राज्याभिषेक कार्यक्रम होगा| इस समारोह में देश के करोड़ों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे| इस पत्र में बताया गया है कि इस समारोह को इंटरनेट पर भी लाइव दिखाया जाएगा|

डेटा सुरक्षित रखें: विदेश में हैकर्स सरकारी डेटा से छेड़छाड़ कर सकते हैं। साइबर अटैक हो सकता है| इस पत्र में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि रामलला प्राण प्रतिष्ठापन करते समय संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखा जाए| यूपी सरकार के मुख्य सचिव मिश्रा ने सभी विभागों को अपनी सभी वेबसाइट और पोर्टल का डेटा सुरक्षित करने का आदेश दिया है|

ये है अयोध्या प्राणप्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण: राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने चुनाव आयोग से सूची लेकर देश के पंजीकृत दलों के प्रमुखों को आमंत्रित किया है| इसीलिए महाराष्ट्र के राजनीतिक नेताओं को निमंत्रण मिला है| एकनाथ शिंदे को शिवसेना अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया गया है, जबकि अजित पवार को एनसीपी अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसी न्याय के साथ एनसीपी के दूसरे गुट के प्रमुख के तौर पर शरद पवार, वंचित बहुजन के प्रकाश अंबेडकर आदि नेताओं को आमंत्रित किया गया है|

देश के किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री को निमंत्रण नहीं है| चूँकि यह कार्यक्रम राजसी शिष्टाचार के तहत उत्तर प्रदेश में ही आयोजित किया जा रहा है, इसलिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री को निमंत्रण, भाजपा की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जे.पी.नड्डा को निमंत्रण। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या प्रदेश अध्यक्ष को निमंत्रण नहीं| इसके अलावा, 8000 आमंत्रित लोगों में एक बड़ा हिस्सा देशभर से आए साधु-संतों का है। महाराष्ट्र से ऐसे 409 संत-महंतों को आमंत्रित किया गया है|

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