26 C
Mumbai
Saturday, February 14, 2026
होमदेश दुनियाशनिवार को बन रहा रवि योग, शनिदेव और सूर्य की उपासना से...

शनिवार को बन रहा रवि योग, शनिदेव और सूर्य की उपासना से बनेंगे नए काम!

यह एक ऐसा समय होता है जिसमें निवेश, यात्रा, शिक्षा या व्यवसाय से संबंधित काम की शुरुआत करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

Google News Follow

Related

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शनिवार को पड़ रही है। इस दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सभी योगों में रवि योग बेहद ही शुभ और प्रभावशाली योग होता है।

रवि योग तब बनता है, जब चंद्रमा का नक्षत्र सूर्य के नक्षत्र से चौथे, छठे, नवें, दसवें और तेरहवें स्थान पर होता है। यह एक ऐसा समय होता है जिसमें निवेश, यात्रा, शिक्षा या व्यवसाय से संबंधित काम की शुरुआत करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

ज्योतिष के अनुसार, इस योग में किए गए कार्यों में विघ्न खत्म होते हैं और सफलता की संभावना बढ़ जाती है। इसका दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलता है।

धार्मिक ग्रंथों में इस दिन जातकों के लिए कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं। मान्यता है कि रवि योग में सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए सुबह पूजा के बाद अर्घ्य और ‘ओम सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप जरूर करें। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में तेज, ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है।

नवमी तिथि पर शनिवार भी है। जिनके जीवन में शनि की साढे़ साती और ढैय्या चल रही है, वे शनिदेव की विधि-विधान से पूजा या व्रत रख सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को संघर्षपूर्ण जीवन देकर सोने की तरह चमकाते हैं।

शनिवार का व्रत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार से शुरू कर सकते हैं। मान्यता है कि केवल 7 शनिवार व्रत रखने से छाया पुत्र शनिदेव के प्रकोप से बचा जा सकता है। साथ ही विशेष फल की प्राप्ति भी होती है।

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद शनिदेव की प्रतिमा को जल से स्नान कराएं, उन्हें गुड़, काले वस्त्र, काले तिल, काली उड़द की दाल और सरसों का तेल अर्पित करें और उनके सामने सरसों के तेल का दीया भी जलाएं, लेकिन ध्यान रहे ऐसा करते समय शनिदेव से आंखें न मिलाएं।

मान्यता है कि पीपल के पेड़ पर शनिदेव का वास होता है, जो जातक शनिदेव की पूजा या व्रत नहीं रख सकते, वे हर शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं और छाया दान करना (सरसों के तेल का दान) करें। इससे नकारात्मकता भी दूर होती है और शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

यह भी पढ़ें-

5 बल्लेबाज, जिनके नाम भारत-साउथ अफ्रीका के बीच वनडे इतिहास में सर्वाधिक रन!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,214फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
291,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें