उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई हमेशा से ही देश की ग्रोथ को बढ़ाने पर फोकस करता है। इस फ्रेमवर्क से ग्रोथ को मजबूती मिलेगी और अनुपालन बेहतर होगा।
बुधवार को आरबीआई एमपीसी के फैसलों के ऐलान के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि एनबीएफसी के वर्गीकरण को लेकर केंद्रीय बैंक काम कर रहा है और इसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
मल्होत्रा ने कहा कि नए फ्रेमवर्क के अंतर्गत एनबीएफसी को उच्च स्तर, मध्य स्तर और अन्य वर्गों में बांटा जाएगा।
आरबीआई के गोल्ड लोन पर आए निर्देशों पर शर्मा ने कहा कि इनकम असेसमेंट, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को अधिक लोन देने और रिपमेंट के आधार पर लोन देने के निर्देश दिए गए हैं और इसका उद्देश्य है कि आम आदमी को आसानी से कम ब्याज दर पर लोन देना है, जिससे वह साहूकार के पास अधिक ब्याज वाला लोन लेने से बचें।
एमएसएमई पर शर्मा ने कहा कि लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) हमारे निर्यात में करीब 37 प्रतिशत का योगदान देते हैं। सबसे अधिक रोजगार पैदा करते हैं। इस कारण से सरकार का भी इस सेक्टर पर काफी अधिक फोकस है।
उन्होंने आगे कहा कि छोटे उद्योगों को जो लोन मिलता है वो प्रत्यक्ष तौर पर देश की ग्रोथ में योगदान देता है। हमारे एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में एसएमई की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है और हमें लगता है कि जैसे बीते वर्षों में हमने 16-18 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई है। एसएमई के कारण आने वाले समय में भी ऐसी ही ग्रोथ दर्ज करेंगे।
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