लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत दूसरी पारी में भी अच्छी नहीं रही। दिमंथा महाविथाना बिना खाता खोले पवेलियन लौटे, तो अवीशा समश भी सिर्फ 2 रन ही बना सके। विरन चामुदिथा अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे और 30 गेंदों में 31 रन बनाने के बाद आउट हुए। 3 विकेट 38 के स्कोर पर गिरने के बाद सेनुजा वेकुनागोडा और कप्तान विमथ दिंसारा ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए 98 रनों की अहम साझेदारी निभाई।
सेनुजा ने 52 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौकों की मदद से 64 रन बनाए। वहीं, कप्तान विमथ भी 64 रन बनाकर आउट हुए। कविजा गमागे ने 36 रनों का योगदान दिया, जबकि सेथमिका सेनेविरात्ने ने 42 रन बनाए। इसके बाद टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए और पूरी टीम 260 रन बनाकर ढेर हो गई। भारत की ओर से गेंदबाजी में रोहित यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं, चिगुरुपति वेंकटा ने 3 विकेट चटकाए।
इससे पहले भारत ने पहली पारी में 411 रन बनाए थे। टीम की तरफ से मनाल चौहान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 150 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि कुशाग्र ओझा ने 111 रन बनाए। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम पहली पारी में 148 रन बनाकर सिमटी। पहली पारी के आधार पर भारतीय टीम ने 263 रनों की बड़ी बढ़त हासिल की।
दूसरी पारी में भारत ने 3 विकेट गंवाकर 208 रन बनाने के बाद अपनी पारी को घोषित किया। भारतीय टीम की ओर से दूसरी पारी में लक्ष्य राजेश रायचंदानी ने नाबाद शतकीय ( नाबाद 100 रन) पारी खेली तो मनाल अर्धशतक बनाकर नॉटआउट रहे। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 1-0 से अपने नाम किया। सीरीज का पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था।
