28.1 C
Mumbai
Saturday, July 18, 2026
होमदेश दुनियावैश्विक तनाव बीच सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े, आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी!

वैश्विक तनाव बीच सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े, आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी!

इस सप्ताह के दौरान एनएसई निफ्टी 50 में 127.4 अंकों या 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 582.06 अंकों यानी 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

Google News Follow

Related

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का अंत मजबूती के साथ किया। इस दौरान कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और सरकार के बड़े विनिर्माण फैसलों ने बाजार को सहारा दिया।

इस सप्ताह के दौरान एनएसई निफ्टी 50 में 127.4 अंकों या 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 582.06 अंकों यानी 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

वहीं हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जहां निफ्टी 261.55 अंक यानी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर और सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,151.45 पर बंद हुआ।

सप्ताह के दौरान निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर बनी रही। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि उसने 12 जुलाई को ईरान के कई ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले करने की क्षमता को कमजोर करना था। इस घटनाक्रम के कारण वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना रहा।

हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार को कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों और सरकार की नीतिगत घोषणाओं से मजबूती मिली। इस सप्ताह एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, विप्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कई बड़ी कंपनियों ने अपनी पहली तिमाही के नतीजे जारी किए।

इसके अलावा, 15 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए (22 अरब डॉलर) की लागत वाली दो बड़ी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) योजनाओं को मंजूरी दी, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

इस सप्ताह इंडिया वीआईएक्स में 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसे बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत माना जाता है। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

जहां प्रमुख सूचकांकों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया, वहीं व्यापक बाजार अपेक्षाकृत कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांक सप्ताह के दौरान करीब 1 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी आईटी इस सप्ताह सबसे बड़ा विजेता रहा और इसमें 4.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.1 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 2.5 प्रतिशत मजबूत हुआ। वहीं निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.5 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.1 प्रतिशत चढ़ा, जिसे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का समर्थन मिला।

दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी सबसे कमजोर सेक्टर रहा और इसमें 2.1 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा, निफ्टी मेटल 2 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.5 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 1.1 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.8 प्रतिशत फिसल गए।

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में सप्ताहभर में करीब 15.91 प्रतिशत की तेजी आई और यह 88.10 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि अंतिम कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड 85.03 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 79.07 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। रात के कारोबार में तेल की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन वे अब भी जून के मध्य के बाद के सबसे ऊंचे स्तरों के करीब बनी रहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से कंपनियों के तिमाही नतीजों, प्रबंधन की भविष्य की रणनीति (मैनेजमेंट गाइडेंस), मानसून की प्रगति, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक तनाव कम होता है और कॉर्पोरेट नतीजे मजबूत बने रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।

यह भी पढ़ें-

एचएमटी जमीन विवाद पर कांग्रेस ने कुमारस्वामी के आरोपों का दिया जवाब! 

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,037फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
321,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें