एसटीएफ के अनुसार फर्जी दूतावास के पास से फर्जी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की मुहर वाले दस्तावेज, दो जाली पैन कार्ड, गाड़ियों के राजनयिक नंबर प्लेटें सहित नकद ₹47.70 लाख की नगदी बरामद की गयी|
हर्षवर्धन विदेशों में नौकरी दिलवाने और डिप्लोमेटिक कनेक्शन बताकर लोगों से ठगी करता था। लोगों को झांसे में लेने के लिए वह खुद को बड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्क वाला व्यक्ति दर्शाता था।
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि आरोपी का पूर्व में चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी जैसे विवादास्पद लोगों से भी संपर्क रह चुका है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर संकेत हैं।
गिरफ्तारी के बाद हर्षवर्धन जैन को कविनगर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।
यह मामला दर्शाता है कि किस तरह फर्जी पहचान और अंतरराष्ट्रीय नामों के दुरुपयोग के जरिए ठगी और जालसाजी की जा रही है। यह घटना प्रशासन, खुफिया एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के लिए भी सतर्कता का विषय है।
इस गिरफ्तारी से एसटीएफ ने न केवल एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है, बल्कि हजारों लोगों को ठगी का शिकार बनने से भी बचाया है। अब देखना होगा कि इस मामले की जांच में और क्या खुलासे होते हैं।
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