नए वित्त वर्ष के साथ शेयर बाजार ने की शानदार वापसी; सेंसेक्स 1,186 अंक बढ़ा!

सूचकांकों में केवल निफ्टी फार्मा 0.99 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.02 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।

नए वित्त वर्ष के साथ शेयर बाजार ने की शानदार वापसी; सेंसेक्स 1,186 अंक बढ़ा!

Stock market in turmoil due to rising crude oil prices, Sensex falls by more than 900 points

नए वित्त वर्ष 27 के साथ भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार वापसी की। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 73,134.32 और निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,679.40 पर बंद हुआ।

बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.32 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 3.70 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 3.69 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 2.46 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.13 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 2.04 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 1.97 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।

सूचकांकों में केवल निफ्टी फार्मा 0.99 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.02 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में जोरदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 506 अंक या 3.33 प्रतिशत की मजबूती के साथ 15,709.80 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,169.15 अंक या 2.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 53,819.15 पर बंद हुआ।

शेयर बाजार की तेजी के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 412 लाख करोड़ रुपए था।

सेंसेक्स पैक में 30 में 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए।

ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, इंटरनल, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, एमएंडएम,बजाज फाइनेंस, टीसीएस, इन्फोसिस, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और आईटीसी गेनर्स थे। एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल लूजर्स थे।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने नए वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत की। इसकी वजह मध्य पूर्व संघर्ष में संभावित कमी और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान कम होने की उम्मीदें थीं।

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के बयान , जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान से “समझौते के साथ या बिना” पीछे हट सकता है। इसने बाजारों में जोश भरने का काम किया।

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