पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला हुआ है। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सिपाही की मौत हो गई। पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने स्थानीय मीडिया को ये जानकारी दी।
पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में एक आत्मघाती हमले में पाकिस्तानी आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल शहजादा गुल फराज और सिपाही करामत शाह मारे गए, जबकि 5 हमलावरों को सेना ने मार गिराया।
उन्होंने इसके लिए फितना अल ख्वारिज को जिम्मेदार ठहराया। पाक सरकार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकवादियों के लिए इसका इस्तेमाल करती है।
आईएसपीआर के मुताबिक शनिवार को एक इंटेलिजेंस ऑपरेशन के दौरान सिक्योरिटी फोर्स को टारगेट किया गया। टीम को कथित हमलावरों और एक सुसाइड बॉम्बर की मौजूदगी को लेकर इनपुट मिला था।
मिलिट्री के मीडिया विंग का दावा है कि एक वाहन में विस्फोटकों से सवार सुसाइड बॉम्बर को रोका गया था और तभी उसने सिक्योरिटी ग्रुप की एक गाड़ी को टक्कर मार दी। जिससे 43 साल के लेफ्टिनेंट कर्नल शहजादा गुल फराज और पेशावर के सिपाही करामत शाह (28) की मौत हो गई।
एआरवाई न्यूज ने आईएसपीआर के हवाले से ही बताया कि ऑपरेशन के दौरान भारी फायरिंग भी हुई। कुछ और हमलावर भी मौजूद थे। इसी दौरान सिक्योरिटी फोर्स ने पांच हमलावरों को मार गिराया।
आईएसपीआर के मुताबिक ये ‘आतंकी’ हैं। ये लोग अफगान जमीन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के अंदर अपनी आतंकवादी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं, और रमजान के महीने की पवित्रता का भी सम्मान नहीं रख रहे हैं।
दरअसल, पाकिस्तान के नेशनल एक्शन प्लान पर फेडरल एपेक्स कमेटी द्वारा मंजूर किए गए “अज्म-ए-इस्तेहकाम” विजन के तहत काउंटर-टेररिज्म कैंपेन जारी है और इसी दौरान हमले भी किए जा रहे हैं।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी कार्यालय की ओर से एक बयान में कहा गया कि उन्होंने “कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले” की कड़ी निंदा की और मौत पर दुख जताया।
अमेरिकी टैरिफ हटने से बढ़ेगा निर्यात, रोजगार को मिलेगी रफ्तार!
