ताड़ासन को ‘माउंटेन पोज’ के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन शरीर की बनावट को बेहतर बनाने, पोस्चर को मजबूत करने, स्थिरता बढ़ाने और पूरे शारीरिक संतुलन की मजबूत नींव रखने में बहुत उपयोगी है। देखने में यह आसान लगता है लेकिन यह बुनियादी योगासन सजगता, रीढ़ की हड्डी और शरीर के विभिन्न अंगों के बेहतर तालमेल में कारगर है।
एक्सपर्ट के अनुसार, पोस्चर में सुधार, स्थिरता बनाना और स्पाइनल अलाइनमेंट को सपोर्ट करना एक आसान स्टैंडिंग पोज से शुरू किया जा सकता है। आजकल की व्यस्त जीवनशैली में लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने के कारण गलत मुद्रा की समस्या आम हो गई है। इससे पीठ दर्द, गर्दन में दर्द और थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में ताड़ासन नियमित अभ्यास से इन समस्याओं से राहत मिल सकती है।
ताड़ासन अभ्यास के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद दोनों पैरों को जोड़कर रखें और वजन समान रूप से दोनों पैरों पर बांटें। फिर घुटनों को सीधा रखते हुए जांघों को थोड़ा अंदर की ओर खींचते हुए पेट को हल्का अंदर की ओर रखें और छाती को आगे की ओर करें और कंधों को पीछे व नीचे की ओर रखें ताकि रीढ़ सीधी रहे।
ताड़ासन के अभ्यास से तन-मन दोनों को कई लाभ मिलते हैं। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और सीधा रखता है, कंधों और गर्दन की जकड़न कम करता है, शरीर के संतुलन और स्थिरता को बढ़ाता है। आत्मविश्वास बढ़ाता है और मन को एकाग्र करता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।
आयुष मंत्रालय सभी उम्र के लोगों, खासकर युवाओं और ऑफिस जाने वाले लोगों से अपील करता है कि वे अपनी दिनचर्या में ताड़ासन को शामिल करें। सुबह खाली पेट या शाम को यह आसन 5-10 मिनट तक किया जा सकता है। शुरुआत में दीवार का सहारा लेकर भी अभ्यास किया जा सकता है।
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