अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर अपना रुख बदलते हुए चौंकाने वाला बयान दिया है। हाल ही में वह मध्यस्थ बनकर शांति समझौते की बात कर रहे थे, लेकिन क्या अब उन्होंने संकेत दिया है कि युद्ध जीतने के लिए यूक्रेन को रूस पर हमला करना होगा? ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “किसी आक्रमणकारी देश को बिना जवाबी हमला किए हराना बहुत मुश्किल, बल्कि असंभव है। यह वैसा ही है जैसे एक शानदार टीम केवल डिफेंस खेल सकती है, ऑफेंस नहीं। जीतने की कोई संभावना नहीं रहती।” उन्होंने जो बाइडेन की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने यूक्रेन को केवल बचाव तक सीमित रखा, जिससे स्थिति बिगड़ी। इसे बयान को रूस पर हमले की सलाह की तौर पर देखा जा रहा है।
हाल ही में अलास्का में ट्रंप और पुतिन की मुलाक़ात और उसके बाद व्हाइट हाउस में ज़ेलेंस्की व यूरोपीय नेताओं से हुई बातचीत के बावजूद शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई है। ट्रंप ने तब दावा किया था कि जल्द ही पुतिन और ज़ेलेंस्की आमने-सामने बैठेंगे। मगर रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ किया कि किसी भी बैठक से पहले कई स्तरों पर बातचीत ज़रूरी है। साथ ही उन्होंने ज़ेलेंस्की की शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने की क्षमता पर भी सवाल उठाया।
इस बीच, रूस ने यूक्रेन पर पिछले कई हफ्तों में सबसे बड़ा हमला बोला। कीव के अनुसार, मॉस्को ने 574 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं, जिनका निशाना पश्चिमी यूक्रेन के कई शहर और दक्षिणी मोर्चे का औद्योगिक केंद्र ज़ापोरिज़्ज़िया था। सबसे गंभीर हमला हंगरी सीमा से 30 किलोमीटर दूर मुकाचेवो में हुआ, जहां एक अमेरिकी स्वामित्व वाले इलेक्ट्रॉनिक्स संयंत्र पर मिसाइल गिरी। इस हमले में 19 लोग घायल हुए। यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने लिखा, “यह एक सामान्य नागरि कारोबार था, अमेरिकी निवेश था। कॉफी मशीन जैसी घरेलू वस्तुएं बनती थीं। रूस के लिए यह भी निशाना है। यह बहुत कुछ बताता है।”
यूक्रेन के विदेश मंत्री अंद्रि सिबिहा ने भी पुष्टि की कि टेक्सास की कंपनी फ्लेक्स पर हमला किया गया, जो पूरी तरह नागरिक उत्पादन करती है। अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स इन यूक्रेन के प्रमुख एंडी हुंडर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ट्रंप को दिखाना चाहिए कि अमेरिका अपने व्यवसायों की रक्षा करता है।
रूस की लगातार बमबारी और ट्रंप की आक्रामक बयानबाज़ी के बीच यह साफ होता जा रहा है कि शांति वार्ता अटक गई है। हालांकि ट्रंप ने दावा किया है कि दो हफ़्तों के भीतर पता चल जाएगा कि समझौता संभव है या नहीं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए लगता है कि युद्ध का अंत अभी दूर है।
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