ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी को कॉल करना चाहिए

ईरान युद्ध पर अमेरिकी पूर्व सैन्य अधिकारी की सलाह

ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी को कॉल करना चाहिए

Trump should call Prime Minister Modi

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक अमेरिकी पूर्व सैन्य अधिकारी ने कूटनीतिक समाधान के लिए भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सुझाव दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क करना चाहिए। उनका मानना है कि भारत मध्यस्थता की भूमिका निभाकर इस संकट को कम करने में मदद कर सकता है।

अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त कर्नलडगलस मैकग्रेगर ने टकर कार्लसन के साथ साक्षात्कार में यह सुझाव दिया। उनका यह सुझाव सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। इंटरव्यू में मैकग्रेगर ने कहा कि अमेरिका के लिए लंबे समय तक इस संघर्ष में उलझे रहना आर्थिक रूप से भारी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा,” अगर मैं प्रेसिडेंट (ट्रंप) को सलाह दे रहा होता, तो मैं चाहता की ऐसे मध्यस्त की मदद ली जाए जो इस परेशानी की वजह नहीं है। मेरी पर्सनल पसंद यह होती कि वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कॉल करते। उनके इज़राइल के साथ अच्छे रिश्ते हैं। उनके ईरान के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं। वह कभी भी ईरानी लोगों के दुश्मन नहीं रहे, न ही शिया ईरानी उनके दुश्मन हैं।  कोई कहेगा कि हमें इंडिया की क्या ज़रूरत है? क्योंकि अगर हमें इसकी ज़रूरत नहीं है, तो हम $300 प्रति बैरल तेल तक पहुँच जाएँगे। हम 60-80% स्टॉक वैल्यू क्रैश होते देखेंगे।”

दौरान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा चलता है तो इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक स्थिरता और भू-राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

भारत ने अब तक इस संकट पर संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाने की कोशिश की है। नई दिल्ली ने शांति और तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी पक्षों से संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया है। भारत के ईरान, अमेरिका और पश्चिम एशिया के अन्य देशों के साथ महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक संबंध भी हैं, जिसके कारण वह क्षेत्रीय स्थिरता में रुचि रखता है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अतीत में करीबी राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया जाता रहा है। दोनों नेताओं ने कई अवसरों पर द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की बात कही है। हालांकि, ईरान संकट के संदर्भ में मैकग्रेगर द्वारा सुझाए गए इस कूटनीतिक विकल्प को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।

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