हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में नाटो देशों से सहयोग न मिलने को लेकर ट्रंप की चेतावनी

"बहुत बुरा भविष्य झेलना पड़ सकता है"

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में नाटो देशों से सहयोग न मिलने को लेकर ट्रंप की चेतावनी

Trump warns against lack of cooperation from NATO countries in the Strait of Hormuz

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि सहयोगी देश NATO के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों में मदद नहीं करते, तो नाटो गठबंधन का भविष्य बहुत बुरा हो सकता है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है और तेल की कीमतों में तेजी आई है। बता दें की, डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले ब्रिटेन सहित ऑस्ट्रेलिया और जापान से भी नौसेना मदद मांगी थी, जिसे देने से तीनों देशो ने इनकार कर दिया। 

रविवार (15 मार्च)को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक संक्षिप्त इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि यूरोपीय सहयोगी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के प्रयासों में सहयोग देंगे। ट्रंप ने कहा, “अगर कोई प्रतिक्रिया नहीं आती या नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।”

यूरोप से सहयोग की अपेक्षा:

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका पहले ही रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की सहायता कर चुका है और अब यूरोपीय देशों को भी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए योगदान देना चाहिए। ट्रंप का तर्क है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल पर कई यूरोपीय और एशियाई देशों की निर्भरता अमेरिका से कहीं अधिक है, इसलिए उन्हें इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

चीन के साथ प्रस्तावित शिखर बैठक पर असर:

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि बीजिंग में प्रस्तावित उनकी बैठक शी जिनपिंग के साथ टल सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले यह जानना चाहता है कि चीन इस संकट में क्या भूमिका निभाएगा। ट्रंप के अनुसार, चीन उन देशों में शामिल है जो खाड़ी क्षेत्र से आने वाले तेल पर काफी निर्भर हैं। इसलिए उनका मानना है कि जो देश इस मार्ग से सबसे अधिक लाभ उठाते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करनी चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एयर फ़ोर्स वन में यात्रा के दौरान पत्रकारों से कहा कि वाशिंगटन करीब सात देशों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है।

जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका किस तरह की मदद चाहता है, तो ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन को समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने वाले जहाजों और ऐसे सैन्य सहयोग की आवश्यकता है जो ईरान के तट के पास मौजूद खतरनाक तत्वों को निष्क्रिय कर सके।

ईरान के साथ जारी अमेरिकी युद्ध हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाधित होने से वैश्विक तेल बाजारों में चिंता बढ़ गई है। आपूर्ति में संभावित बाधा के डर से पिछले दो सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। रविवार को अमेरिकी मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 2.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 100.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 2.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 106.11 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें:

रमज़ान में कराची का खस्ता हाल: 12–15 घंटे की अघोषित गैस कटौती

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालों ने ब्रिटेन-मलेशिया तक भेजी भारत की संवेदनशील जानकारी

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद सऊदी अरब कैसे बेच रहा है तेल ?

Exit mobile version