बांग्लादेश में पाकिस्तानी तालिबान की सक्रिय भर्ती का खुलासा, खुफिया एजेंसियां बेखबर!

TTP की बांग्लादेश में बढ़ती उपस्थिति, खासकर भारत की 4000 किमी लंबी सीमा से सटे देश में, भारत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन चूका है।

बांग्लादेश में पाकिस्तानी तालिबान की सक्रिय भर्ती का खुलासा, खुफिया एजेंसियां बेखबर!

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प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाओं से निकलकर बांग्लादेश में सक्रिय भर्ती कर रहा है, जबकि वहां की खुफिया एजेंसियां इस खतरे से पूरी तरह अनजान दिखाई दे रही हैं। हाल ही में दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी और एक बांग्लादेशी युवक की अफगानिस्तान में मौत से इस नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। TTP की बांग्लादेश में बढ़ती उपस्थिति, खासकर भारत की 4000 किमी लंबी सीमा से सटे देश में, भारत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन चूका है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठन TTP अब बांग्लादेश में जड़ें जमा रहा है। जानकारी के अनुसार, दो बांग्लादेशी युवक पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचे, जिनमें से एक अहमद जुबैर को अप्रैल 2025 में वज़ीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने मार गिराया। उसका साथी, मोहम्मद फोयसल, जुलाई की शुरुआत में ढाका के पास सावर शहर से गिरफ्तार किया गया है।

ढाका स्थित द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार फोयसल ने स्वीकार किया कि उसने जुबैर के साथ अक्टूबर 2024 में अफगानिस्तान की यात्रा की थी। इस यात्रा की योजना इमरान हैदर नामक एक एयरोनॉटिकल इंजीनियर ने बनाई थी, जो अफगानिस्तान में बांग्लादेशी युवकों को ऑनलाइन जिहादी विचारधारा के लिए प्रेरित करता था।

बांग्लादेश की एंटी-टेररिज्म यूनिट (ATU) ने फोयसल और अन्य पांच व्यक्ती इमरान हैदर, रेज़ाउल करीम अबरार, आसिफ अदनान, ज़कारिया मसूद और मो. सनाफ हसन के खिलाफ 5 जुलाई को आतंकवाद निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

14 जुलाई को ATU ने शमीन महफूज़ को नारायणगंज से गिरफ्तार किया गया। शमीन एक कुख्यात आतंकवादी है, जो पहले जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) का नेता था और 2019 में जमातुल अंसार फिल हिंदाल शरकिया नामक संगठन की स्थापना की थी। वह पहले 2014 और 2023 में गिरफ्तार हो चुका है और उस पर 10 आपराधिक मामले चल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, शमीन ने 2020 में अलगाववादी संगठन कुकी-चिन नेशनल फ्रंट (KNF) के नेता नाथन बॉम के साथ चटगांव हिल ट्रैक्ट्स में आतंकी प्रशिक्षण शिविर भी स्थापित किए थे।

शमीन और नाथन बॉम दोनों ढाका विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और करीबी मित्र थे। शमीन को आतंकी सर्कल में “सर” के नाम से जाना जाता है। वह बांग्लादेश ओपन यूनिवर्सिटी में शिक्षक रह चुका है और अभी 5 दिन की रिमांड में है।

इस बीच, मलेशिया में भी जून में 36 बांग्लादेशियों को आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े होने पर हिरासत में लिया गया। न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स और रॉयटर्स की रिपोर्टों के अनुसार, ये लोग फैक्ट्रियों और निर्माण क्षेत्रों में काम करने के लिए गए थे, लेकिन कुछ को आईएसआईएस और TTP से जोड़ने वाली गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से कट्टरपंथी विचार फैलाए जा रहे थे और e-wallets के ज़रिए सीरिया और बांग्लादेश में फंड ट्रांसफर किया गया।

इनमें से 5 लोगों पर आतंकी संगठन से संबंध रखने का मुकदमा चल रहा है, जबकि 15 को बांग्लादेश भेजने की तैयारी है और 16 अभी जांच में हिरासत में हैं। बांग्लादेश 2016 में ढाका के होली आर्टिज़न बेकरी हमले जैसी चरमपंथी घटनाएं झेल चुका है, जिसमें 22 नागरिक मारे गए थे। मौजूदा घटनाक्रम यह साफ करता है कि राजनीतिक अस्थिरता के बाद चरमपंथी नेटवर्क दोबारा सिर उठा रहे हैं।

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