एआई समिट में ‘शर्टलेस’ आंदोलन करवाने के आरोप में युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार

एआई समिट में ‘शर्टलेस’ आंदोलन करवाने के आरोप में युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार

Youth Congress president Uday Bhanu Chib arrested for allegedly organizing a shirtless protest at the AI ​​summit

भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुए ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार(24 फरवरी) सुबह की गई और इस प्रकरण में अब तक कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।

पिछले सप्ताह आयोजित इस उच्च-स्तरीय समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने भारत मंडपम परिसर के भीतर नारेबाजी की थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की पहचान से समझौता किया है। कुछ कार्यकर्ताओं ने अपनी शर्ट उतारकर “Compromised PM” जैसे नारे लगाए, जिसका उद्देश्य अंतराष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत की साख गिराना था।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है, हालांकि अब तक सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, उदय भानु चिब से लगभग 20 घंटे तक पूछताछ की गई। पुलिस का आरोप है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन पर आपराधिक साजिश, लोक सेवक को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, ड्यूटी में बाधा डालने और जानबूझकर अवज्ञा करने के आरोप लगाए गए हैं। यह सामान्य विरोध प्रदर्शन का मामला नहीं है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की आशंका के कोण से भी जांच की जा रही है।

पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस ने सात दिन की रिमांड मांगते हुए उन्हें मास्टरमाइंड बताया। पुलिस ने अदालत से कहा कि विभिन्न राज्यों से लोग इसमें शामिल थे और जांच के लिए आरोपियों को कई स्थानों पर ले जाना आवश्यक है। पुलिस ने अदालत में कहा, “यह एक बड़ा षड्यंत्र है, जिसने नेपाल में हुए जेन जेड प्रदर्शनों से प्रेरणा ली है। आरोपियों को एक-दूसरे के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के साथ भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना आवश्यक है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण जांच है।”

वहीं, चिब के वकील ने अदालत में दलील दी कि वह न तो प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे और न ही किसी को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा, “वह न तो किसी से संवाद कर रहे थे और न ही किसी प्रकार के निर्देश जारी कर रहे थे।” बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।

घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस ने भारत के लिए आयोजित एक वैश्विक कार्यक्रम को अपनी गंदी और नग्न राजनीति का मंच बना दिया। कांग्रेस नेता विदेशी मेहमानों के सामने नग्न होकर पहुंचे। देश पहले से जानता है कि आप नग्न हैं; आपको कपड़े उतारने की क्या जरूरत थी?”

मामले की आगे की जांच जारी है और अदालत में अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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