बांग्लादेश के कट्टरपंथी छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। इस केस का मुख्य आरोपी बताए जा रहे फैसल करीम मसूद ने पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आकर हत्या में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मसूद ने दावा किया कि वह बांग्लादेश में नहीं, बल्कि दुबई में है और उसे झूठे तरीके से फंसाया जा रहा है। साथ ही, उसने इस हत्या के पीछे एक राजनीतिक संगठन की भूमिका होने का आरोप भी लगाया है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में फैसल करीम मसूद खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है, “मैंने हादी की हत्या नहीं की। मुझे और मेरे परिवार को फंसाया जा रहा है। मैं इस विच हंट से खुद को बचाने के लिए दुबई आया हूं।” मसूद ने आगे दावा किया कि उस्मान हादी का संबंध जमात से था और हत्या के पीछे जमाती तत्व हो सकते हैं। उसने कहा, “हादी जमात का प्रोडक्ट था। जमाती इसके पीछे हो सकते हैं।”
#BreakingNews: Osman Hadi's killer in Dubai!
Hours after I have exposed the location of Osman Hadi's killer, now Faisal Karim Masud, one of the key accused, in a video message said. he is currently in Dubai and has no involvement in the killing. He claimed that the murder was… pic.twitter.com/MjvgST9rsO
— Salah Uddin Shoaib Choudhury (@salah_shoaib) December 30, 2025
मसूद का यह भी कहना है कि उसका उस्मान हादी से संबंध केवल कारोबारी और राजनीतिक चंदे तक सीमित था, न कि किसी हिंसक साजिश से। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर नई बहस छिड़ गई है और जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं।
इस बीच, CNN News18 को फैसल करीम मसूद के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) वीज़ा से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों के मुताबिक, मसूद के पास पांच साल की मल्टीपल-एंट्री यूएई वीज़ा है, जो लॉन्ग-टर्म टूरिज़्म कैटेगरी के तहत जारी किया गया था। वीज़ा रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि इस लंबे समय के वीज़ा का भुगतान दिसंबर 2022 में किया गया था, यानी उस्मान हादी की हत्या से लगभग दो साल पहले। यह तथ्य मसूद के इस दावे को बल देता है कि यूएई जाने की उसकी तैयारी हालिया घटनाक्रम से पहले की थी।
हालांकि, बांग्लादेश पुलिस मसूद के दावों से सहमत नहीं है। पुलिस का कहना है कि 12 दिसंबर को हुई गोलीबारी के बाद फैसल करीम मसूद और एक अन्य संदिग्ध आलमगीर शेख देश से फरार हो गए। जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों हालुआघाट सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुए और वहां स्थानीय संपर्कों की मदद से आगे बचने की कोशिश की।
लेकिन इस दावे को भारत की ओर से चुनौती मिली है। मेघालय में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने स्पष्ट किया है कि उनके पास बांग्लादेश से भारत में किसी संदिग्ध के प्रवेश का कोई सबूत नहीं है। बीएसएफ के अनुसार, संबंधित अवधि में मेघालय सेक्टर से किसी तरह की घुसपैठ के संकेत नहीं है।
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला है। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए और राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया। अब फैसल करीम मसूद के इन बयानों, पुलिस के दावों और अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े विरोधाभासी बयानों के बीच यह मामला और उलझता नजर आ रहा है। जांच एजेंसियों के सामने चुनौती है कि वे तथ्यों की गहराई से जांच कर यह स्पष्ट करें कि इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के पीछे असल साजिशकर्ता कौन हैं।
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