​उत्तराखंड: देवप्रयाग भूस्खलन में अनिल बलूनी-विनोद कंडारी ​बाल​-बाल बचे!

दोनों नेता आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने देवप्रयाग आ रहे थे। गनीमत रही कि पहाड़ी से गिरे मलबे से कोई घायल नहीं हुआ।

​उत्तराखंड: देवप्रयाग भूस्खलन में अनिल बलूनी-विनोद कंडारी ​बाल​-बाल बचे!

Uttarakhand-Anil-Baluni-and-Vinod-Kandhari-narrowly-escape-the-Devprayag-landslide!

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के बीच शुक्रवार को एक बड़ा हादसा टल गया। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और नरेंद्रनगर विधायक विनोद कंडारी का वाहन देवप्रयाग डिग्री कॉलेज के पास अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। दोनों नेता आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने देवप्रयाग आ रहे थे। गनीमत रही कि पहाड़ी से गिरे मलबे से कोई घायल नहीं हुआ।

घटना के बाद सांसद बलूनी ने तुरंत तहसीलदार के वाहन से देवप्रयाग पहुंचकर निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। बाद में वे एक प्राइवेट वाहन से देहरादून के लिए रवाना हुए। वहीं, उनके सरकारी वाहन को निकालने के लिए एनएच विभाग की ओर से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया।

सांसद अनिल बलूनी ने भूस्खलन की इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस साल उत्तराखंड में आई अतिवृष्टि और आपदा ने गहरे जख्म दिए हैं, जिन्हें भरने में लंबा समय लगेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर भूस्खलन का भयावह दृश्य साझा करते हुए लिखा कि यह तस्वीरें अपने आप बता रही हैं कि राज्य किस गंभीर प्राकृतिक संकट से गुजर रहा है।

बलूनी ने कहा, “मैं बाबा केदारनाथ से प्रदेशवासियों की सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना करता हूं। आपदा की इस घड़ी में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ, प्रशासन और सड़कों से मलबा हटाने वाले कर्मचारियों का सेवाभाव काबिले-तारीफ है। कठिन परिस्थितियों में उनका योगदान सराहनीय है।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

​यह भी पढ़ें-

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को किया खारिज!

Exit mobile version