केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “आरएसएस के कार्यालय पर देर रात हमला हुआ। दो युवकों ने पेट्रोल बम चलाए। उन्होंने अपने चेहरों को ढक रखा था। उन्होंने दो पेट्रोल बम फेंके।”
संजय सेठ ने कहा कि कार्यालय में 18 प्रचारक थे। अगर आग फैलती और गाड़ियां चपेट में आतीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। यह दुस्साहस ऐसे समय हुआ, जब गर्मी का समय है और फुटबॉल मैच चल रहे हैं। कार्यालय के आसपास लोग मैच देख रहे होते हैं। उन्होंने कहा कि हमलावर एक और गाड़ी से आए। उन्होंने जिस तरह से हमला किया, वह बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
उन्होंने बताया कि डीजीपी और डिप्टी कमिश्नर से बात की गई है। उनसे कहा गया कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द तथ्यों को सामने रखा जाए। संजय सेठ ने आगे कहा, “यह कोई साधारण घटना नहीं है। अगर आग फैलती तो मामला अशांत हो जाता। हालांकि, हम किसी भी कीमत पर रांची को अशांत नहीं होने देंगे।”
संजय सेठ ने कहा कि इस हमले को हम सभी ने गंभीरता से लिया है। इसीलिए पुलिस-प्रशासन से हमने कहा कि बिना देरी के कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी हमले की निंदा की है। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर हमला अत्यंत ही खेदजनक और निंदनीय है। इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द, शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं।”
भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने कहा, “निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय झारखंड का प्रधान कार्यालय है, जो यहां सालों से है। इस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करना कहीं न कहीं बड़ी साजिश थी। भगवान की कृपा से यह साजिश असफल रही।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ आरएसएस कार्यालय पर हमला नहीं था और उसे जलाने का प्रयास नहीं था, बल्कि पूरे झारखंड को जलाने का प्रयास था। जिला प्रशासन को इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए और जांच के बाद दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का काम करना चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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