सुरेंद्र जैन ने कहा कि भारतीय संविधान धर्म के पालन की आजादी देता है, लेकिन चर्च अपनी पहचान छिपाकर हिंदू बस्तियों में गतिविधियां चलाता है।
उन्होंने सवाल उठाया, “पादरी सामान्य कपड़े पहनकर हिंदू बस्तियों में क्यों जाते हैं? अगर कोई गलत इरादा नहीं है, तो अपनी पहचान क्यों छिपाते हैं? हिंदू समाज ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा और धर्मांतरण का विरोध जारी रखेगा।
सुरेंद्र जैन ने छत्तीसगढ़ में तीन आदिवासी लड़कियों को कथित तौर पर आगरा ले जाने के मामले में ननों की गिरफ्तारी को जायज ठहराया और कहा कि पीड़ित लड़कियां स्वयं कह रही हैं कि उन्हें जबरन ले जाया जा रहा था।
विहिप नेता ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में ‘हिंदू आतंकवाद’ के कथित षड्यंत्र को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म सत्य की खोज और शिक्षा के विस्तार की बात करता है, न कि अज्ञान की बेड़ियां बांधता है।
उन्होंने दक्षिण भारत में सनातन संस्कृति की मजबूत जड़ों का जिक्र करते हुए कहा, “सनातन का जीवंत स्वरूप दक्षिण भारत के मंदिरों में दिखता है। सनातन अमर था, है और रहेगा। कोई इसका बाल भी बांका नहीं कर सकता।”
