अमेरिका–इज़राइल हमलों के बाद ईरान में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। अली खामनेई के निधन की घोषणा के तीन दिन बाद इस्लामी गणराज्य के उलेमाओं ने बैठक कर नए सर्वोच्च नेता के रूप में उनके दूसरे पुत्र मोजतबा खामनेई को चुनने का निर्णय लिया है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है और कुछ धर्मगुरुओं ने आशंका जताई है कि यह निर्णय उन्हें अमेरिका और इज़राइल के निशाने पर ला सकता है।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
56 वर्षीय मोजतबा का जन्म 1969 में ईरान के मजहबी केंद्र मशहद में हुआ था। 1987 में हाई स्कूल के बाद वे इस्लामिक सैन्य कोर में शामिल हुए और ईरान–इराक युद्ध के दौरान हबीब बटालियन में सेवा दी। इस दौरान उनकी निकटता सुरक्षा तंत्र के उन अधिकारियों से बनी जो आगे चलकर देश की शक्ति संरचना का अहम हिस्सा बने।
पिता के सर्वोच्च नेता बनने के बाद मोजतबा ने क़ुम में प्रमुख धर्मगुरुओं से धार्मिक शिक्षा प्राप्त की और स्वयं भी मदरसे में अध्यापन किया। वर्ष 2004 में उन्होंने ज़हरा हद्दाद-आदिल से विवाह किया, जो पूर्व संसदीय अध्यक्ष गुलाम-अली हद्दाद-आदिल की पुत्री थीं। रिपोर्टों के अनुसार दंपति के तीन बच्चे हैं। हालिया अमेरिकी–इज़राइली हमलों में उनकी पत्नी के मारे जाने की भी खबर है।
सत्ता और सुरक्षा तंत्र से गहरे संबंध
मोजतबा लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में कम प्रोफाइल में रहे, लेकिन 2005 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महमूद अहमदनिजाब की जीत में उनकी भूमिका थी। उनके संबंध शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से दशकों पुराने बताए जाते हैं। वे अपने पिता और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेतृत्व के बीच प्रमुख संपर्क सूत्र रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार आईआरजीसी ने ही धर्मगुरुओं पर दबाव डालकर मोजतबा के नाम पर सहमति बनवाई। ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है की, “IRGC ने मौलवियों के जमा हुए ग्रुप पर मोजतबा को शासन का नया लीडर चुनने के लिए बहुत ज़्यादा दबाव डाला।”
100 मिलियन पाउंड से अधिक की वैश्विक संपत्ति:
ब्लूमबर्ग की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा खामेनेई का विदेशी रियल एस्टेट नेटवर्क £100 मिलियन (करीब 1,229 करोड़ रुपये) से अधिक का है। लंदन के प्रतिष्ठित बिलियनेयर्स रो इलाके में उनकी नेटवर्क से जुड़ी 11 संपत्तियों का मूल्य लगभग £100 मिलियन आंका गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि संपत्तियां सीधे उनके नाम पर नहीं हैं, बल्कि ऑफशोर कंपनियों और कथित रूप से ईरानी व्यवसायी अली अंसारी के नाम पर दर्ज हैं, जिन्हें अक्टूबर में ब्रिटेन ने प्रतिबंधित किया था। लंदन में €33.7 मिलियन का एक घर, दुबई के पॉश इलाके में एक विला और फ्रैंकफर्ट से मयोर्का तक फैले यूरोपीय होटल इस पोर्टफोलियो का हिस्सा बताए जाते हैं।
दावा किया जाता है की, मोजतबा का ईरान और विदेश में कई कंपनियों में बड़ा हिस्सा है। जब आप उनके फाइनेंशियल नेटवर्क को खंगालते है, तो अली अंसारी उनके मेन अकाउंट होल्डर हैं। यह अंसारी को आज ईरान के सबसे असरदार अमीर लोगों में एक है। हालांकि अली अंसारी ने अपने वकील के माध्यम से इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनका मोजतबा खामेनेई से कोई वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध नहीं है और वे ब्रिटेन के प्रतिबंधों को चुनौती देंगे।
इसी बीच मोजतबा खामेनेई का चयन यह संकेत देता है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े कट्टरपंथी गुट सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। ऐसे में ईरान की नीतियों में निकट भविष्य में बड़े बदलाव की संभावना कम दिखाई देती है।
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