उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले का दूसरा आरोपी मोहम्मद गुलफाम पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मंगलवार (3 मार्च) रात इंदिरापुरम क्षेत्र में अपराध शाखा और स्वाट टीम के साथ मुठभेड़ के दौरान वह गोली लगने से घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस विभाग की ओर से आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिली थी कि गुलफाम इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद वसुंधरा पावर हाउस के पास चेकिंग अभियान चलाया गया। देर रात दो युवक मोटरसाइकिल पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे और एलिवेटेड रोड की ओर तेज़ी से बढ़े।
पीछा करने के दौरान मोटरसाइकिल मिट्टी के ढेर से टकराकर फिसल गई, जिससे दोनों गिर पड़े। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार शुक्ला और संदीप कुमार घायल हो गए। एसीपी अमित सक्सेना, इंस्पेक्टर पूरन सिंह और बॉबी सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं। स्वाट टीम प्रभारी अनिल कुमार के कान के पास से भी एक गोली गुजरी।
अपराध के सफ़र का आख़िरी पड़ाव—
थाना लोनी क्षेत्रान्तर्गत सलीम वास्तिक उर्फ़ वास्तविक पर जानलेवा हमला करने में वांछित ₹01 लाख/- के पुरस्कार घोषित कुख्यात अपराधी को @ghaziabadpolice द्वारा पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया, जिसे उपचार के दौरान चिकित्सक… pic.twitter.com/8wubVY90Jb
— UP POLICE (@Uppolice) March 3, 2026
जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से गुलफाम घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने आधार कार्ड के जरिए उसकी पहचान की पुष्टि की। गुलफाम अमरोहा जिले का निवासी था और गाज़ियाबाद में किराये के मकान में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, गुलफाम मुख्य आरोपी जीशान का बड़ा भाई था। जीशान को भी 1 मार्च को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था और उस पर भी एक लाख रुपये का इनाम था। दोनों भाइयों पर 27 फरवरी को लोनी इलाके में सलीम वास्तिक उर्फ सलीम अहमद पर हुए हमले में शामिल होने का आरोप था।
हमले के दिन सुबह दो हेलमेट पहने युवक अली गार्डन स्थित सलीम के कार्यालय पहुंचे और धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने गर्दन, पेट और कान पर कई वार किए और मोटरसाइकिल से फरार हो गए। सलीम को पहले लोनी के अस्पताल और बाद में गुरु तेग बहादुर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस मामले में सलीम के पुत्र उस्मान की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों के चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने और एक पाकिस्तानी यूट्यूबर से प्रभावित होकर हमला करने की बात सामने आई है। जे रविंद्र गौर ने बताया कि पुलिस टीमें कई दिनों से गुलफाम की तलाश में थीं। दोनों मुख्य आरोपियों के मारे जाने के बाद भी पुलिस हमले में शामिल अन्य संदिग्धों और संभावित साजिश की जांच जारी रखे हुए है।
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