मुंबई के केईएम अस्पताल ने एमबीबीएस की तृतीय वर्ष की छात्रा सेजल पवार द्वारा कैडेवर (शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए दान किए गए शव) को लेकर की गई टिप्पणियों के मामले में जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल छात्रा के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है और निलंबन की खबरें सही नहीं हैं।
केईएम अस्पताल के डीन डॉ. हरीश पाठक ने गुरुवार (11 जून) को बताया कि मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को इस विवाद की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के माध्यम से मिली, जिसमें संस्थान की एक छात्रा मृत शरीरों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करती हुई दिखाई दे रही है।
डॉ. पाठक ने कहा, “कल हमें सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें हमारी एक छात्रा मृत शरीरों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करती हुई दिखाई दे रही है। यह बेहद अस्वीकार्य है। हम मृतकों के सम्मान को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि चिकित्सा शिक्षा के लिए शरीर बहुत भावनात्मक प्रतिबद्धता के साथ दान किए जाते हैं। मैंने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। हमें शाम तक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है और उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।”
Mumbai, Maharashtra: Regarding Dr Sejal Pawar being booked for remarks made at a comedy show, Dean of KEM Hospital Dr Harish Pathak says, "Yesterday, we came to know through social media that a video is being circulated in which one of our students is seen making objectionable… pic.twitter.com/4C5ymHneD1
— IANS (@ians_india) June 12, 2026
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जांच पूरी होने तक छात्रा की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि बिना उचित प्रक्रिया अपनाए कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा, लेकिन समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर मामले को गंभीरता से देखा जाएगा।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में उपयोग किए जाने वाले कैडेवर व्यक्तियों और उनके परिवारों द्वारा स्वेच्छा से चिकित्सा शिक्षा के विकास के लिए दान किए जाते हैं। ऐसे दान भावनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और उनके साथ हमेशा गरिमा और सम्मान का व्यवहार किया जाना चाहिए।
पुणे की रहने वाली एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा सेजल पवार के खिलाफ कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक शो के दौरान कथित टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई है और कई लोगों ने चिकित्सा प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले दान किए गए शवों को लेकर मजाक की उपयुक्तता पर सवाल उठाए हैं।
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