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Tuesday, March 17, 2026
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भारत पर लगे ट्रम्प के टैरिफ का समर्थन करने उतरे ज़ेलेन्स्की !

कहा, "उचित उपाय"

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर कड़े टैरिफ लगाए जाने के फैसले को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सही ठहराया है। ट्रम्प ने केवल भारतीय सामानों पर शुल्क को दोगुना करते हुए 50 प्रतिशत कर दिया है, जिसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त ड्यूटी शामिल है। भारत ने रूस से तेल खरीदने वालों की लंबी कतार में से केवल भारत पर टेर्रिफ लगाए जाने वाले कदम को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक बताया था। हालांकि झेलेंस्की का ट्रम्प के टेर्रिफ को समर्थन भी ऐसे समय आया है जब जुलाई २०२५ में युक्रैन द्वारा सर्वाधिक, 15 प्रतिशत डीजल भारत से ख़रीदे जाने की चर्चा जोरों पर है।

इसी बीच अमेरिकी मीडिया एबीसी से बातचीत में ज़ेलेंस्की ने कहा, “मुझे लगता है कि रूस के साथ सौदे जारी रखने वाले देशों पर टैरिफ लगाना एक उचित उपाय है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉस्को का ऊर्जा व्यापार यूक्रेन के खिलाफ रूसी राष्ट्रपति का हथियार है, और इसे रोका जाना चाहिए।

ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय साझेदारों पर भी निशाना साधा और कहा, “हमें पुतिन पर अतिरिक्त दबाव डालना होगा। अमेरिका से दबाव चाहिए। राष्ट्रपति ट्रम्प यूरोपियों के बारे में सही कह रहे हैं। कुछ देश अब भी रूस से तेल और गैस खरीदते हैं। यह उचित नहीं है… हमें रूस से किसी भी तरह की ऊर्जा खरीदना बंद करना होगा।” जेलेंस्की के अनुसार, “हत्यारे को रोकने का एक ही तरीका है – उसका हथियार छीन लो। पुतिन के लिए ऊर्जा उसका हथियार है।”

भारत ने हालांकि अमेरिका के इस कदम पर आपत्ति जताई है और यूक्रेन युद्ध पर लगातार संघर्षविराम की अपील की है। नई दिल्ली का कहना है कि उसका उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। इस बीच, रूस ने रविवार (7 सितंबर)को यूक्रेन पर हवाई हमला बोला, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कीव स्थित सरकारी इमारतों में आग लग गई। इसके बाद ट्रम्प ने संकेत दिया कि वह रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मैं इस पूरी स्थिति से खुश नहीं हूं।”

ज़ेलेंस्की ने ट्रम्प और पुतिन की हालिया मुलाकात पर भी टिप्पणी की और कहा, “ट्रम्प ने पुतिन को वही दिया जो वह चाहते थे। वह अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे… वह दुनिया को दिखाना चाहते थे कि वह मौजूद है।” ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि अमेरिका रूस के खिलाफ और मजबूत कदम उठाएगा।

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