जैसे ही हम 40 वर्ष की उम्र पार करते हैं, हमारे शरीर में सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं, और हड्डियों का स्वास्थ्य भी इससे अछूता नहीं रहता। जो लोग इसे उम्र बढ़ने का अनिवार्य हिस्सा मानते हैं, जैसे हड्डियों का पतला होना और फ्रैक्चर का बढ़ा हुआ जोखिम। वास्तव में सही ज्ञान और विकल्प अपनाकर काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के हालिया शोध बताते हैं कि हड्डियों की घनता 40 की उम्र के बाद प्राकृतिक रूप से घटती है, लेकिन सही आहार, व्यायाम और जीवनशैली अपनाने से ताकत और जीवंतता बरकरार रखी जा सकती है।
हड्डियों की घनता (Bone Mineral Density, BMD) का मतलब है हड्डी के हर वर्ग सेंटीमीटर में मौजूद खनिज पदार्थ की मात्रा। यह लगभग 30 वर्ष की उम्र में अपने चरम पर होती है, जब हड्डियाँ सबसे मजबूत और घनी होती हैं। इसके बाद शरीर में प्राकृतिक रूप से हड्डियों का निर्माण और टूटना (remodeling) चलता रहता है, लेकिन 40 के बाद हड्डियों का टूटना बनावट से तेज़ हो जाता है।
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अध्ययनों में पाया गया कि 40 वर्ष के बाद औसतन BMD में 1% वार्षिक कमी होती है, जो महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के घटने जैसी हार्मोनल वजहों से होती है। महिलाओं में मेनोपॉज इस प्रक्रिया को तेज कर देता है, पहले पांच वर्षों में एस्ट्रोजन के घटने से लगभग 10% हड्डियों का नुकसान हो सकता है। पुरुषों में यह गिरावट धीरे होती है, लेकिन दोनों लिंगों में ओस्टियोपीनिया (कम हड्डी घनता) और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियाँ भंगुर और छिद्रपूर्ण हो जाना) का जोखिम बढ़ जाता है।
यह सिर्फ स्कैन पर दिखने वाला नंबर नहीं है; इसके असली असर हैं। कमजोर हड्डियाँ छोटे गिरने पर भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ा देती हैं, खासकर कूल्हे, रीढ़ और कलाई में। Bone Health & Osteoporosis Foundation के अनुसार, युवावस्था में हासिल की गई पीक हड्डी मास, आनुवंशिकी और शरीर के छोटे ढांचे जैसे कारक प्रभावित करते हैं कि हड्डियाँ कितनी कमजोर होंगी। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि उम्र से होने वाला नुकसान समान नहीं होता—जीवनशैली बदलाव इसकी दिशा बदल सकते हैं।
अच्छी बात यही है की आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं:
आहार हड्डियों की नींव है। कैल्शियम हड्डियों का मूल घटक है। 40 वर्ष के बाद वयस्कों को 1,000–1,200 mg कैल्शियम रोज़ाना लेने की सलाह दी जाती है, जो उम्र और लिंग के अनुसार तय किया जाता है। डेयरी, फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क, ब्रोकली, बादाम के सेवन से कैल्शियम में बढ़ोतरी देखी गई है। इसके साथ विटामिन D (600–800 IU/दिन) लेने से अवशोषण बेहतर होती है।
सूरज की रोशनी में बैठना, फैटी मछली या सप्लीमेंट लेना मदद करते हैं। प्रोटीन भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हड्डियाँ प्रोटीन आधारित संरचना हैं, लेकिन अधिक मात्रा कैल्शियम को नुकसान पहुंचा सकती है। नमक, कैफीन और शराब सीमित करें, क्योंकि ये नुकसान बढ़ा सकते हैं।
व्यायाम हड्डियों के लिए शक्ति है। तेज़ चलना, जॉगिंग, नृत्य, सीढ़ियाँ चढ़ना ये हड्डियों को गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर करते हैं, नए सेल निर्माण को प्रोत्साहित करते हैं। कोशिश करें कि लगभग 30 मिनट अधिकांश दिन करें। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वज़न, रेसिस्टेंस बैंड या बॉडी वेट) हड्डियों पर दबाव डालकर उन्हें और घना बनाती है। शोधों के अनुसार, व्यायाम सालाना 1% हानि को संतुलित कर सकता है, खासकर रीढ़ और कूल्हे जैसी संवेदनशील जगहों पर।
40 पार करना हड्डियों के लिए अंत नहीं है। 30 के बाद हम जितनी हड्डियाँ बनाते हैं, उससे ज्यादा टूटती हैं, लेकिन नियमित आदतें इसे संतुलित कर सकती हैं। इन सूचनाओं को अपनाकर आप हड्डियों की मजबूती बढ़ा सकते हैं, ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम कर सकते हैं और सक्रिय उम्र बढ़ाने का आनंद ले सकते हैं। डॉक्टर से योजना बनवाएँ, आपका भविष्य आपको धन्यवाद कदेगा।
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