आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पीठ और कमर दर्द आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, मोबाइल या लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करना और अनियमित जीवनशैली इसकी बड़ी वजह है। ऐसे में योग न सिर्फ शरीर बल्कि मन को भी स्वस्थ रखने का एक कारगर उपाय है। हाल ही में आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर अर्ध उष्ट्रासन के फायदे और सही तरीका साझा किया है। यह आसान-सा योगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है, पाचन को सुधारता है और मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
आयुष मंत्रालय के पोस्ट के अनुसार इस आसन को करने के लिए सबसे पहले दंडासन (सीधे बैठने की स्थिति) में बैठें। फिर पैरों को मोड़कर वज्रासन की मुद्रा बनाएं। अब दोनों हाथों को कंधों के सीध में ऊपर उठाएं। इसके बाद दाहिने हाथ से दाहिने पैर की एड़ी पकड़ें और बाएं हाथ को सामने की ओर लाएं। धीरे-धीरे कमर को हल्का पीछे की ओर झुकाएं, लेकिन ज्यादा पीछे न जाएं। इस स्थिति में लगभग 10 सेकंड तक रुकें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। इसी प्रक्रिया को दूसरी ओर दोहराएं।
आयुष मंत्रालय ने बताया कि यह योगासन खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें लंबे समय तक बैठने की वजह से गर्दन और पीठ में दर्द की शिकायत रहती है।
अर्ध उष्ट्रासन के नियमित अभ्यास से कई लाभ मिलते हैं। यह आसन गर्दन और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, जिससे लंबे समय तक बैठने या गलत मुद्रा में रहने से होने वाले दर्द से राहत मिलती है। इसके साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिलता है और व्यक्ति ऊर्जावान महसूस करता है।
पाचन तंत्र को भी यह आसन मजबूती प्रदान करता है, जिससे कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं और पेट हल्का महसूस होता है। कमर दर्द से राहत देने में भी यह प्रभावी है, क्योंकि यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय कर उन्हें मजबूत करता है। इतना ही नहीं, इस आसन से मानसिक तनाव भी कम होता है और मन को शांति मिलती है, जिससे व्यक्ति अधिक संतुलित और सकारात्मक महसूस करता है।
आयुष मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी को कमर या घुटनों में गंभीर तकलीफ है, तो बिना डॉक्टर की सलाह लिए इस योगासन का अभ्यास न करें।
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