तेजी से बढ़ती मानसिक थकान, तनाव और बर्नआउट के दौर में अब मेडिटेशन केवल आध्यात्मिक अभ्यास नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य पद्धति के रूप में उभर रहा है। हालिया शोधों के अनुसार नियमित ध्यान करने से तनाव, चिंता, अनिद्रा और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई पेशेवर क्षेत्रों में करीब 67 प्रतिशत लोग बर्नआउट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में मेडिटेशन को एक प्रभावी क्लिनिकल इंटरवेंशन के रूप में देखा जा रहा है। 2024 की हेल्थलाइन रिपोर्ट के अनुसार, ध्यान अब केवल “वेलनेस ट्रेंड” नहीं रह गया है, बल्कि यह दिमाग की कार्यप्रणाली और शारीरिक स्वास्थ्य पर वास्तविक असर डालने वाला अभ्यास माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार मेडिटेशन के यह फायदे सामने आए हैं:
ध्यान का सबसे चर्चित फायदा तनाव कम करना है। 2017 में PubMed में प्रकाशित माइंडफुलनेस-बेस्ड स्ट्रेस रिडक्शन (MBSR) अध्ययन में पाया गया कि मेडिटेशन नकारात्मक विचारों और लगातार चिंता करने की आदत को कम करता है। इससे दिमाग तनाव के चक्र से बाहर निकलने लगता है।
रिसर्च के मुताबिक, माइंडफुलनेस तकनीक सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर (SAD) के लक्षणों को कम करने में प्रभावी हो सकती है। सांस पर केंद्रित मेडिटेशन दिमाग के “फियर सेंटर” यानी अमिगडाला की सक्रियता घटाने में मदद करता है।
मेडिटेशन लोगों को अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करता है। इससे डिप्रेशन के लक्षणों में भी कमी देखी गई है। विशेषज्ञ इसे “इमोशनल रेगुलेशन” की प्रक्रिया बताते हैं। नियमित ध्यान करने वाले लोग अपने विचारों और मानसिक स्थिति को अधिक स्पष्ट रूप से समझ पाते हैं। इससे नकारात्मक सोच और भावनात्मक तनाव को शुरुआती स्तर पर पहचानने में मदद मिलती है।
2018 के एक अध्ययन के अनुसार लंबे समय तक मेडिटेशन करने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, याददाश्त और मानसिक प्रोसेसिंग स्पीड बेहतर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिटेशन दिमाग को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। इससे बढ़ती उम्र में याददाश्त कमजोर होने की गति धीमी पड़ सकती है।
“लविंग-काइंडनेस मेडिटेशन” जैसी तकनीकें लोगों में सहानुभूति और सकारात्मक भावनाओं को बढ़ाने में मदद करती हैं। रिसर्च में पाया गया है कि इससे दिमाग के इमोशनल प्रोसेसिंग क्षेत्र अधिक सक्रिय होते हैं। 2018 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन करने वाले शराब की लत से जूझ रहे लोगों में तनाव और शराब की इच्छा दोनों में कमी आई।
मेडिटेशन शरीर और दिमाग को शांत करने में मदद करता है, जिससे अनिद्रा से जूझ रहे लोगों को फायदा हो सकता है। इससे शरीर “रेस्ट एंड डाइजेस्ट” मोड में आसानी से जा पाता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि माइंडफुलनेस मेडिटेशन पुरानी शारीरिक पीड़ा की तीव्रता को कम करने में मदद कर सकता है। यह शरीर की प्राकृतिक दर्द-नियंत्रण प्रक्रिया को मजबूत करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ध्यान तनाव कम करके हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव घटाने में मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है। मेडिटेशन का सबसे बड़ा फायदा इसकी सरलता और उपलब्धता है। वॉकिंग मेडिटेशन से लेकर बॉडी स्कैन तक, इसे बिना किसी विशेष उपकरण के रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित मेडिटेशन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि गंभीर मानसिक या चिकित्सकीय समस्याओं की स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
यह भी पढ़ें:
घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, सेना ने मार गिराया लश्कर आतंकी
AIADMK में फुट; 144 विधायकों के समर्थन से विजय सरकार ने जीता विश्वास मत
