CBSE मैथ्स पेपर के QR कोड से खुला ‘ नेवर गोना गिव यू अप’ वीडियो

छात्रों को मिला ‘रिकरोल’ सरप्राइज

CBSE मैथ्स पेपर के QR कोड से खुला ‘ नेवर गोना गिव यू अप’ वीडियो

QR code from CBSE Maths paper unlocks 'Never Gonna Give You Up' video

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12 की गणित परीक्षा इस बार एक अनोखी वजह से चर्चा में आ गई। 9 मार्च को आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र पर छपे एक QR कोड को स्कैन करने पर छात्रों को अप्रत्याशित रूप से इंटरनेट का मशहूर मज़ाक ‘रिकरोल’ देखने को मिला।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में एक छात्र परीक्षा के प्रश्नपत्र पर छपे QR कोड को स्कैन करता है। लेकिन किसी आधिकारिक सत्यापन पेज पर जाने के बजाय वह लिंक सीधे ब्रिटिश गायक रिक एस्टली के लोकप्रिय गीत  नेवर गोना गिव यू प के म्यूजिक वीडियो पर खुल जाता है। इंटरनेट संस्कृति में इस तरह के मज़ाक को रिक्रॉलिंग कहा जाता है।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल गया और छात्रों व इंटरनेट यूज़र्स के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे मज़ेदार बताया, जबकि कुछ ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठाए।

विवाद बढ़ने के बाद सीबीएसई ने इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया। बोर्ड के अनुसार प्रश्नपत्र पर छपा QR कोड एक सुरक्षा फीचर होता है, जिसका उद्देश्य किसी संभावित सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता की जांच करना है।

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि QR कोड का उद्देश्य किसी म्यूजिक वीडियो पर ले जाना नहीं था और बोर्ड इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने कहा, “इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और बोर्ड यह पक्का करने के लिए ज़रूरी कदम उठा रहा है कि भविष्य में ऐसी दिक्कतें दोबारा न हों।”

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि कक्षा 12 की गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह से असली थे और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है। सीबीएसई के अनुसार बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कई सुरक्षा उपाय शामिल होते हैं, जिनमें QR कोड भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह घटना इंटरनेट संस्कृति के एक पुराने लेकिन बेहद लोकप्रिय मीम की ओर भी ध्यान खींचती है। ‘रिकरोलिंग’ एक तरह का bait-and-switch मज़ाक है, जिसमें किसी लिंक को किसी अन्य विषय से संबंधित बताकर क्लिक कराया जाता है, लेकिन वह अचानक नेवर गोना गिव यू अप के वीडियो पर खुल जाता है।

हालांकि सीबीएसई ने इस घटना को तकनीकी समस्या या गलत रीडायरेक्शन बताया है, लेकिन परीक्षा जैसे औपचारिक माहौल में इंटरनेट मीम का अचानक सामने आना छात्रों और सोशल मीडिया यूज़र्स के लिए एक दिलचस्प और चर्चा योग्य घटना बन गया है।

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