केंद्र सरकार ने मंगलवार (30 सितंबर) को जानकारी दी कि दूरसंचार विभाग की नागरिक-केंद्रित डिजिटल सुरक्षा पहल ‘संचार साथी’ से अब तक 6 लाख खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन रिकवर किए जा चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म की ‘अपना खोया/चोरी हुआ मोबाइल ब्लॉक करें’ सुविधा ने डिजिटल गवर्नेंस में नागरिकों का भरोसा मजबूत किया है। यह पहल नागरिकों की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभा रही है।
संचार साथी प्लेटफॉर्म दूरसंचार विभाग, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस को एकीकृत करता है। इसके जरिए नागरिक सभी भारतीय नेटवर्क पर अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट कर सकते हैं, उन्हें ब्लॉक, ट्रेस या अनब्लॉक कर सकते हैं।
सरकार ने बताया कि जैसे ही किसी चोरी या खोए मोबाइल में नया सिम इस्तेमाल होता है, सिस्टम स्वतः ट्रेसेबिलिटी जनरेट कर देता है और नागरिकों के साथ-साथ उस पुलिस स्टेशन को भी अलर्ट भेजता है जहां शिकायत दर्ज हुई थी। नागरिक को एसएमएस के जरिए संबंधित पुलिस थाने का विवरण उपलब्ध कराया जाता है।
जनवरी 2025 में जहां मासिक रिकवरी 28,115 फोन थी, वहीं अगस्त 2025 तक यह बढ़कर 45,243 हो गई। यह आठ महीनों में करीब 61 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
मई 2023 में लॉन्च किए गए संचार साथी प्लेटफॉर्म ने अब तक 19 करोड़ से अधिक वेबसाइट विजिट और 90 लाख से अधिक मोबाइल ऐप डाउनलोड दर्ज किए हैं। सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि एक सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के उस दृष्टिकोण को मजबूत करती है, जिसमें टेक्नोलॉजी नागरिक सशक्तिकरण और सुरक्षा का आधार बनती है।
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