रियाद में आयोजित एक व्यापार प्रदर्शनी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश का कारण बन गया है, जिसमें एक भारतीय कंपनी के प्रतिनिधि को कथित तौर पर धर्म के आधार पर परेशान किया जा रहा है। वीडियो में एक भारतीय व्यक्ती को बहुराष्ट्रीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro) के स्टॉल को निशाना बनाते हुए सुना जा सकता है, जहां वह स्टॉल को “हिंदू” कंपनी बताते हुए यह टिप्पणी करता है कि “वहां एक भी मुस्लिम मौजूद नहीं है।”
यह वीडियो स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है, लेकिन इसमें दिखता है कि स्टॉल पर मौजूद व्यक्ति पहले मोबाइल फोन से घटना को रिकॉर्ड करता है, फिर फोन नीचे कर आसपास देखने लगता है। कथित तौर पर वीडियो में बोलने वाला व्यक्ति सऊदी नागरिक बताया जा रहा है, हालांकि इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यूएई-आधारित राजनीतिक विश्लेषक अमजद ताहा ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए घटना की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे खुले तौर पर नस्लवाद करार देते हुए लिखा, “एक सऊदी नागरिक रियाद की एक प्रदर्शनी में स्टॉल लगाने पर एक भारतीय पर हमला कर रहा है, उसे हिंदू होने और वहां स्टॉल रखने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है और तंज कसा जा रहा है—‘इस #हिंदू कंपनी में एक भी मुस्लिम नहीं है।’ यह हथियारबंद अज्ञानता है, गरिमा, आस्था और मुक्त उद्यम पर हमला है।”
This is blatant racism.
A Saudi attacking an Indian for being Hindu and for owning a stand at a Riyadh exhibition..bullying them and sneering, "This #Hindu company doesn’t even have one Muslim here." This is ignorance weaponized, an assault on dignity, faith, and free enterprise.… pic.twitter.com/zi3o3Bc6nN— Amjad Taha أمجد طه (@amjadt25) February 3, 2026
ताहा ने भारत की प्रशंसा करते हुए उसे एक महान सभ्यता बताया और कहा कि भारत “सांप्रदायिक गुंडों” का निशाना नहीं है। उन्होंने आगे लिखा, “व्यापार कोई मस्जिद की हाजिरी सूची नहीं है, और आस्था की निगरानी का आधुनिक समाज में कोई स्थान नहीं है। शर्मनाक। अपमानजनक। बिल्कुल अस्वीकार्य।”
इस घटना पर सोशल मीडिया यूज़र्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक यूज़र ने लिखा, “वह एलएंडटी जैसी कंपनी को निशाना बना रहा है, जो 60-70 अरब डॉलर की संस्था है। संभव है कि वह सऊदी व्यक्ति वहां नौकरी के लिए भी योग्य न हो”। एक अन्य यूज़र ने टिप्पणी की, “ईरान के बाद मध्य पूर्व में नस्लवाद में दूसरे स्थान पर सऊदी अरब का होना सभी अरब देशों के लिए शर्मनाक है।”
कई लोगों ने एलएंडटी के समर्थन में भी पोस्ट किए। एक यूज़र ने लिखा, “वह एलएंडटी पर हमला कर रहा है, वही कंपनी जो भारत के लिए बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु पनडुब्बियां बनाती है। इस एक भारतीय कंपनी की तकनीकी क्षमता ऐसी है जिसे सऊदी अरब या उसका पैसा छू भी नहीं सकता।”
फिलहाल इस घटना में शामिल लोगों की पहचान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है और न ही सऊदी अधिकारियों या आयोजनकर्ताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
गौरतलब है कि लार्सन एंड टुब्रो एक भारतीय मुख्यालय वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना 1938 में हुई थी और वर्तमान में इसका नेतृत्व मुख्य रूप से भारतीय प्रबंधन के हाथों में है। रियाद की इस प्रदर्शनी में कंपनी की भागीदारी भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों खासकर खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्रों के अनुरूप मानी जा रही है।
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