अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने शुक्रवार (27 फरवरी) को दावा किया कि उसने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर समन्वित हवाई हमले किए हैं, जिनमें इस्लामाबाद के पास स्थित सैन्य ठिकाने भी शामिल है। हालांकि, इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान की ओर से तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
तालिबान रक्षा मंत्रालय ने बयान दिया है, कि राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की वायुसेना ने स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 11 बजे फैज़ाबाद के निकट, खैबर पख्तूनख्वा के नौशेरा में एक सैन्य शिविर, जमरूद में एक आर्मी बेस और एबटाबाद में एक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। मंत्रालय ने ऑपरेशन को सफल बताते हुए कहा कि पाकिस्तान की प्रमुख सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
तालिबान अधिकारियों ने कहा कि ये हमले पाकिस्तान द्वारा काबुल, कंधार और पक्तिया में रातभर किए गए हवाई हमलों के जवाब में किए गए। इससे पहले तालिबान ने दावा किया था कि उसने पाकिस्तानी सीमा चौकियों को निशाना बनाया, जिसमें 55 से 60 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की बात सामने आई।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने कहा कि उसकी रातभर की कार्रवाई में 133 तालिबान सदस्य मारे गए। तालिबान प्रशासन ने अपने पक्ष में किसी भी हताहत से इनकार किया है।
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि देश अफगानिस्तान के साथ युद्ध की स्थिति में है। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अफगानिस्तान भारत का एक उपनिवेश बन गया है। साथ ही ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि पाकिस्तान ने प्रत्यक्ष संवाद और मित्र देशों के माध्यम से स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की, लेकिन अफगानिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाया।
तनाव बढ़ने के बीच ईरान ने मध्यस्थता की पेशकश की है। ईरान ने कहा है कि वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संवाद को सुगम बनाने और आपसी समझ व सहयोग को बढ़ावा देने में सहायता देने के लिए तैयार है। फिलहाल, दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। हालात तेजी से बदल रहे हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास बढ़ते सैन्य टकराव को थाम पाएंगे।
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