दिल्ली के लाल क़िला क्षेत्र के पास हुए घातक ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक घायल हुए, उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच फिर एक बार फरीदाबाद की अल-फला यूनिवर्सिटी तक पहुंच चुकी है। इस मामले में पुलिस ने 6 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जबकि 52 से अधिक लोग जिनमें छात्र, फैकल्टी सदस्य, और विश्वविद्यालय के प्रिंसिपल शामिल हैं से पूछताछ जारी है। जांच का दायरा तेज़ी से बढ़ रहा है और कई संस्थानों व शहरों तक फैल चुका है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है, क्योंकि प्रारंभिक पूछताछ में लाल क़िला विस्फोट और अल-फला यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ व्यक्तियों के बीच संभावित संबंध सामने आए हैं। जिन तीन डॉक्टरों को विशेष रूप से जांच के घेरे में लिया गया है, वे हैं डॉ. मुज़म्मिल शकील, डॉ. उमर मोहम्मद, डॉ. शाहीन शाहिद ये तीनों फिलहाल हिरासत में लेकर पूछताछ में शामिल हैं।
Faridabad Terror Module Case | Faridabad Police questioned students, the principal and faculty members working with Dr Muzammil at Al Falah University. More than 52 people were questioned. Faridabad Police has detained six people and is interrogating them regarding the terror…
— ANI (@ANI) November 11, 2025
मामला गंभीर तब हो गया जब जांच अधिकारियों ने फरीदाबाद में डॉ. मुज़म्मिल द्वारा किराए पर लिए गए दो कमरों से 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री, असॉल्ट राइफलें और गोलाबारूद बरामद किए। ध्यान देने योग्य है कि डॉ. मुज़म्मिल यूनिवर्सिटी कैंपस में रहते थे, इसके बावजूद उन्होंने ये अलग कमरे किराए पर लिए हुए थे। वहीं, डॉ. शाहीन शाहिद की कार से भी हथियार और संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
फरीदाबाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, और लैपटॉप व मोबाइल डेटा की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें केवल कुछ व्यक्ति शामिल थे, या यह एक बड़ा संगठित नेटवर्क है जिसका असर दिल्ली-एनसीआर में फैला हुआ है।
Faridabad, Haryana: Delhi Police, along with the Crime Branch, conducted a full search operation at Al-Falah University. They are checking CCTV footage, and police teams remain present inside the campus pic.twitter.com/hrEltCsYi1
— IANS (@ians_india) November 11, 2025
जांच एजेंसियों ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अधिक हिरासत और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। अभी तक अधिकारियों ने संदिग्धों की वैचारिक प्रेरणा, विदेशी संपर्क, और वित्तीय नेटवर्क पर टिप्पणी करने से परहेज किया है।
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