मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी अमोल गायकवाड़ ने पूछताछ में माना है कि वह हत्या के मास्टरमाइंड शुभम लोनकर से डब्बा कॉलिंग और सिग्नल ऐप के जरिए लगातार संपर्क में था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक और ऐप का इस्तेमाल पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए किया गया था।
डब्बा कॉलिंग और सिग्नल ऐप से साजिश
क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, गायकवाड़ ने बताया कि 1 अक्टूबर 2024 से 12 अक्टूबर 2024 तक वह शुभम लोनकर के भाई प्रवीण लोनकर के संपर्क में था। इस दौरान हत्या की साजिश पर लगातार बातचीत होती रही। हत्या के बाद बातचीत कुछ समय के लिए बंद हुई, लेकिन शुभम के कनाडा पहुंचने के बाद दोनों के बीच फिर से संपर्क शुरू हो गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि गायकवाड़ गिरफ्तारी से महज दो हफ्ते पहले तक डब्बा कॉलिंग और सिग्नल ऐप पर शुभम लोनकर से बात कर रहा था। हालांकि पुलिस को अब तक शुभम का सटीक लोकेशन ट्रेस करने में सफलता नहीं मिली है।
पंजाब में व्यापारी की हत्या से भी जुड़ा धागा
जांच में यह भी सामने आया है कि अमोल गायकवाड़ का नाम पंजाब के कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा की हत्या (जुलाई 2025) में भी सामने आया है। गायकवाड़ ने स्वीकार किया है कि उसने यह हत्या शुभम लोनकर के इशारे पर की थी। इस मामले में वह नामजद आरोपी है और पंजाब पुलिस जल्द ही उसकी कस्टडी लेने वाली है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस की एक टीम इस हफ्ते मुंबई पहुंचेगी और क्राइम ब्रांच से आरोपी को रिमांड पर लेगी।
डब्बा कॉलिंग और सिग्नल ऐप जैसी तकनीकों का इस्तेमाल अपराधियों को पकड़ने में पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। इन माध्यमों से हुई कॉल और चैट का लोकेशन ट्रेस करना बेहद कठिन होता है। यही कारण है कि शुभम लोनकर अब तक गिरफ्त से बाहर है और जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
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