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Friday, January 16, 2026
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मराठवाड़ा में पानी के लिए हाहाकार

पीएम के सामने राज्यपाल ने भी उठाया था मुद्दा

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महाराष्ट्र की तीन दलों वाली सरकार मराठवाड़ा के जल संकट का समाधान खोजने में नाकाम दिखाई दे रही है। औरंगाबाद मनपा क्षेत्र में एक सप्ताह में एक दिन पानी आपूर्ति का मामला मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी उठा था। बुधवार को जलाना में जल संकट को लेकर भाजपा की तरफ से विशाल मोर्चा निकाला गया। विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में निकल गए मोर्चे में भारी भीड़ जुटी। हाथों में खाली मटका लेकर महिलाओं ने ठाकरे सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इसके पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने औरंगाबाद शहर के जल संकट का उल्लेख किया था। मंगलवार को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के सामने प्रधानमंत्री से जल संकट का समाधान करने का आग्रह कर दिया। इस पर दशकों से औरंगाबाद मनपा में सत्तारूढ़ रही शिवसेना नाराज हो गई है।

प्रधानमंत्री ने राजभवन में जल भूषण भवन और क्रांतिकारियों की गैलरी का उद्घाटन किया था। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार, विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस समेत कई मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि मंच पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बैठे हैं। मैं एक दिन औरंगाबाद गया था। रात को मैं वहां पर रुका था। वहां पर लोगों ने मुझसे कहा कि शहर में पांच से सात दिनों बाद पानी मिलता है।

राज्यपाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री दिवंगत अरुण जेटली ने कहा था कि ‘मोदी हैं तो मुमकिन हैं।’ अब मैं कह रहा हूं कि मोदी हैं तो मुमकिन है और महाराष्ट्र की योजनाएं भी पूरी हों। यदि योजनाएं पूरी हो जाएंगी तो मेरा महाराष्ट्र में राज्यपाल के रूप में आना सार्थक हो जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि वैधानिक विकास बोर्ड विकास की दृष्टि से बनाए गए थे मगर दो सालों से नए बोर्ड का गठन नहीं हो पाया है। तब भी मैं समय-समय पर समीक्षा करता रहता हूं।

20 सालों से अधूरी हैं सिंचाई परियोजनाएं:
राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र में 80 ऐसे सिंचाई परियोजनाएं हैं जो 30 अथवा 20 सालों से पूरा नहीं हो पाई हैं। कुछ सिंचाई परियोजनाएं 40 साल पुरानी हैं लेकिन योजनाओं का काम आधा-अधूरा हुआ है। इसलिए उसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। इसी बीच राज्यपाल ने कहा कि फ्रांस की डसॉल्ट कंपनी से करार कर नागपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को सैनिक यंत्रों के निर्माण की शिक्षा दी जा रही है।
मुंबई विश्वविद्यालय में समुद्री विज्ञान की पढ़ाई शुरू की गई है। मैंने विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम में मराठी भाषा के इस्तेमाल पर जोर दिया है। लेकिन पता नहीं हमारे मुख्यमंत्री को मेरी यह कोशिश कैसी लगी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ठाकरे ने राज्यपाल से कहा कि आपने जल भूषण भवन बहुत बड़ा और अच्छा बनाया है। अपने मकान की अदला बदली करनी है क्या? इस पर कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने जोरदार ठहाका लगाया।

नाराज हुई शिवसेना: दूसरी ओर औरंगाबाद के शिवसेना विधायक अंबादास दानवे ने कहा कि राज्यपाल औरंगाबाद शहर के जल संकट को लेकर अनभिज्ञ नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद में जलापूर्ति सेवा सुचारू से करने के लिए तीन आईएएस अफसरों की नियुक्ति की है। दानवे ने कहा कि  जल संकट की समस्या धुलिया और सोलापुर मनपा में भी है। जहां पर भाजपा की सत्ता है लेकिन राज्यपाल ने भाजपा की सत्ता वाले शहरों का उल्लेख न करके केवल औरंगाबाद का नाम लेकर राजनीति करने की कोशिश की है।

 
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