बजट 2026-27: टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर होगा फोकस, कैपेक्स होगा 12.2 लाख करोड़ रुपये

हम 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे, जो विस्तार पाकर विकास केंद्र बन चुके हैं। शहरी बुनियादी ढांचे में निवेश से न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

बजट 2026-27: टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर होगा फोकस, कैपेक्स होगा 12.2 लाख करोड़ रुपये

Budget 2026-27: Focus on infrastructure in Tier-2 and Tier-3 cities, capital expenditure to be ₹12.2 lakh crore.

केंद्रीय बजट 2027 में सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि सरकार देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की गति को बनाए रखने के लिए सार्वजनिक निवेश को और मजबूत कर रही है, खासतौर पर पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो अब उभरते हुए विकास केंद्र बन चुके हैं।

वित्त मंत्री ने कहा, “हम 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे, जो विस्तार पाकर विकास केंद्र बन चुके हैं। शहरी बुनियादी ढांचे में निवेश से न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।”

सीतारमण ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में बीते एक दशक के दौरान हुए बड़े इजाफे का जिक्र करते हुए कहा कि 2014-15 में यह आंकड़ा केवल 2 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 के बजट अनुमान (BE) में बढ़कर 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा, “आने वाले वर्ष, यानी वित्त वर्ष 2026-27 में, मैं इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं, ताकि इस गति को बनाए रखा जा सके।”

सरकार ने पिछले दस वर्षों में सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े स्तर पर विस्तार के लिए कई अहम पहलें की हैं। इसमें नए वित्तीय साधनों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देना भी शामिल है। वित्तमंत्री ने कहा, “पिछले दशक के दौरान हमारी सरकार ने सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए कई पहल की हैं, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) जैसे नए फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट शामिल हैं।”

सरकार का मानना है कि इन वित्तीय साधनों से निजी पूंजी को आकर्षित करने में मदद मिली है और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दीर्घकालिक निवेश के नए रास्ते खुले हैं। बढ़ा हुआ कैपेक्स परिवहन, आवास, शहरी सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं को गति देने में सहायक होगा।

आर्थिक जानकारों के मुताबिक, FY27 के लिए पूंजीगत व्यय में यह वृद्धि सरकार के विकास-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस से महानगरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में समान विकास को बढ़ावा मिल सकता है। विशेषकों के अनुसार बढ़ा हुआ सार्वजनिक निवेश निजी निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा और मध्यम अवधि में आर्थिक वृद्धि को मजबूत आधार प्रदान करेगा।

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