महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक 19 वर्षीय युवक द्वारा कई युवतियों के साथ यौन शोषण करने और उनके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर प्रसारित किए जाने से भारी सनसनी मची है। इस मामले में मुख्य आरोपी 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर और साथी उजेर खान इकबाल खान को गिरफ्तार किया गया है। अब तक की जानकारी के अनुसार, अयान ने करीब 180 लड़कियों को निशाना बनाकर 350 से अधिक वीडियो बनाए थे। अब मुख्य आरोपी अयान के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में आरोपी अयान के घर पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अयान का घर दो मंजिला है। आरोप है कि दूसरे मंजिल के निर्माण की अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते अब नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की है। अयान के घर पर दूसरी मंजिल को लेकर नोटिस चस्पा किया गया है और नोटिस की अवधि खत्म होने के बाद दूसरी मंजिल पर बुलडोजर चलाया जाएगा।
क्या है मामला?
परतवाड़ा के रहने वाले अयान अहमद तनवीर ने कई लड़कियों से नजदीकियां बढ़ाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाए थे। इन वीडियो को अयान के दोस्त उजेर खान इकबाल खान ने सोशल मीडिया पर वायरल किया। पिछले तीन दिनों से ये वीडियो वायरल होने के कारण इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
इसके बाद पुलिस ने उज्जर खान इकबाल खान को भी गिरफ्तार किया है, जिसने अयान के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो डाउनलोड करके उन्हें सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित कर अपराध को बड़ा रूप दिया।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर करीब 100 वीडियो सर्कुलेट किए गए थे।
जांच अधिकारियों को अमरावती के पार्थवाड़ा इलाके में अयान अहमद तनवीर के घूमने की जानकारी मिलने के बाद, अमरावती ग्रामीण पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC), 2023 की धारा 294, POCSO एक्ट और IT एक्ट, 2000 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अयान को 21 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसमें से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं, जबकि फोरेंसिक टीमें और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के लिए काम कर रही हैं।
पुलिस जांच के मुताबिक, अयान ने कई लड़कियों से दोस्ती की, उनका भरोसा जीता और उन्हें रिलेशनशिप में फंसाया। उस पर शक है कि उसने पीड़ितों का यौन शोषण किया और उनकी मर्ज़ी के बिना वीडियो बनाए, जिनका इस्तेमाल बाद में उन्हें डराने और ब्लैकमेल करने के लिए किया गया।
पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच के लिए तेजी से कार्रवाई कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और सभी सबूत फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। सोशल मीडिया से इन वीडियो को हटाने के लिए संबंधित कंपनियों से संपर्क किया गया है। पुलिस ने पीड़ितों के परिजनों से अपील की है कि वे बिना डर के महिला अधिकारियों से संपर्क करें, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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