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Thursday, April 30, 2026
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CAG रिपोर्ट में भारत के रक्षा ढांचे की बड़ी खामियां उजागर, अस्पतालों और वेतन प्रणाली पर उठे सवाल

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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General of India-CAG) की हालिया रिपोर्ट ने देश की रक्षा सेवाओं में गंभीर कमियों को उजागर किया है। संसद में पेश इस रिपोर्ट में सैन्य तैयारियों और कर्मियों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चिंता जताई गई है।

सैन्य अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक

रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता सैन्य अस्पतालों के रखरखाव को लेकर जताई गई है। ऑडिट में पाया गया कि कई अस्पतालों की इमारतें आधुनिक मानकों पर खरी नहीं उतरतीं और लंबे समय से उनका उचित उन्नयन नहीं किया गया है। विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा उपाय बेहद कमजोर पाए गए, जो मरीजों और स्टाफ के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय से तत्काल कदम उठाने, पुराने ढांचों के नवीनीकरण और सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की मांग की गई है।

CAG ने सैन्य अस्पतालों में बायोमेडिकल कचरे के निपटान में भी गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। कई जगहों पर कानूनी नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा पैदा हुआ है। रिपोर्ट में इस दिशा में तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

वेतन भुगतान में गड़बड़ियां

रिपोर्ट का एक अहम हिस्सा वेतन वितरण में खामियों से जुड़ा है। हजारों सैनिकों को समय पर वेतन नहीं मिला या गलत भुगतान हुआ। इसका कारण रक्षा लेखा विभाग की प्रणालीगत कमियां बताई गई हैं। ऑडिट में पाया गया कि मौजूदा आईटी सिस्टम में आवश्यक व्यावसायिक नियमों की कमी है, जिसके चलते ओवरपेमेंट और अंडरपेमेंट जैसी समस्याएं सामने आईं। इससे सैनिकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा भी प्रभावित हुआ।

डिजिटाइजेशन की जरूरत पर जोर

CAG ने रक्षा प्रतिष्ठानों में रिकॉर्ड प्रबंधन की स्थिति को भी कमजोर बताया है। कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर अब भी मैनुअल रिकॉर्ड रखे जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और कार्यक्षमता प्रभावित होती है। रिपोर्ट में सभी प्रणालियों के व्यापक डिजिटाइजेशन की सिफारिश की गई है।

इन खामियों का सीधा असर सैनिकों के मनोबल पर पड़ता है। सीमा पर तैनात जवानों के लिए समय पर वेतन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। ऐसी कमियां उनकी कार्यक्षमता और ध्यान को प्रभावित कर सकती हैं।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि आईटी सिस्टम को मजबूत करने, अस्पतालों के उन्नयन और सुरक्षा ऑडिट जैसे कदम तुरंत उठाए जाएं। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में रक्षा क्षेत्र के बैकएंड सिस्टम को मजबूत करना उतना ही जरूरी है जितना कि आधुनिक हथियारों और उपकरणों की खरीद।

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