पाकिस्तान के आतंकी हमलों का एकमात्र हल मुंहतोड़ जवाब देना है!

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी का बयान

पाकिस्तान के आतंकी हमलों का एकमात्र हल मुंहतोड़ जवाब देना है!

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने रविवार को कहा कि यह सोचना सिर्फ़ ‘कल्पना’ है कि पाकिस्तान किसी आतंकी को ट्रायल के लिए भारत भेजेगा। कानूनी प्रक्रियाएं चलती रहेंगी, लेकिन भारत में आतंकी भेजने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।

मनीष तिवारी ने कहा कि 26/11 के आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने खुद माना था कि इस आतंकी हमले में उसके नागरिक शामिल थे, फिर भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में धर्म के आधार पर लोगों की पहचान करके उनके परिवारों के सामने मार दिया गया था। उसके बाद 7 से 10 मई के बीच भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर हमला किया। इसका मुख्य मकसद वहां के आतंकी नेटवर्क और आतंकी संगठनों को खत्म करना था। लेकिन आतंकी हमले का जवाब देने का तरीका ‘मुंहतोड़ जवाब देना’ है। बाकी कानूनी प्रक्रिया चलती रहेगी। भारत, पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी हाफिज सईद को डिप्लोमैटिक चैनलों के ज़रिए बुलाने की तैयारी कर रहा है।

मनीष तिवारी ने आगे कहा, “पाकिस्तान के 26/11 आतंकी हमले में अपने नागरिकों के शामिल होने की बात मानने के बाद पाकिस्तान में जो कार्रवाई शुरू हुई थी, वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इसलिए, यह उम्मीद करना कि पाकिस्तान किसी आतंकी को भारत भेजेगा या उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा, सिर्फ एक कल्पना है। असल बात यह है कि आतंकवाद से निपटने का सिर्फ एक ही तरीका है। दुनिया के सभी ताकतवर देश यही तरीका अपनाते हैं।”

इस बीच, 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 बेगुनाह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने इस मामले में पहली चार्जशीट दिसंबर 2025 में फाइल की थी।

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