29 C
Mumbai
Thursday, September 24, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमन्यूज़ अपडेटसमीर वानखेड़े की आर्यन खान वेब सीरीज पर मानहानि याचिका दिल्ली हाईकोर्ट...

समीर वानखेड़े की आर्यन खान वेब सीरीज पर मानहानि याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की!

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

IRS अधिकारी और एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। वानखेड़े ने शाहरुख खान और गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और अन्य के खिलाफ 2 करोड़ रुपए की मानहानि याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान द्वारा निर्देशित वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई है।

हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई से फिलहाल इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यह याचिका इस मंच पर विचार योग्य नहीं है। इसके बावजूद, कोर्ट ने वानखेड़े को याचिका में संशोधन करने और उपयुक्त फोरम में दोबारा दाखिल करने की अनुमति दे दी है।

यह मामला 2021 में हुए चर्चित क्रूज ड्रग्स केस से जुड़ा है, जिसमें समीर वानखेड़े ने आर्यन खान को गिरफ्तार किया था। आर्यन को इस मामले में 27 दिन तक जेल में रहना पड़ा, लेकिन बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई। आर्यन ने इसी अनुभव को आधार बनाकर वेब सीरीज बनाई, जिसे नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया।

वानखेड़े का आरोप है कि इस सीरीज में उनका नाम नहीं लेने के बावजूद एक किरदार उनकी तरह की यूनिफॉर्म, अंदाज और भूमिका निभाता है, जिससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि सीरीज में ड्रग विरोधी एजेंसियों को गलत तरीके से पेश किया गया है, जिससे आम जनता का इन संस्थाओं पर विश्वास कमजोर होता है।

अपनी याचिका में वानखेड़े ने कोर्ट से सीरीज को प्रतिबंधित करने और रेड चिलीज व नेटफ्लिक्स को 2 करोड़ रुपए हर्जाना देने का आदेश देने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि यह राशि टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों की मदद के लिए दान की जाएगी।

इसके अलावा, वानखेड़े ने एक विशेष सीन पर भी आपत्ति जताई, जिसमें ‘सत्यमेव जयते’ का नारा लगाने के बाद गलत इशारा दिखाया गया। उनका कहना है कि यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान है और इससे देश की भावनाओं को ठेस पहुंची है। याचिका में उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का भी हवाला दिया।

यह भी पढ़ें:

बच्चों की हत्यारनें चाहती थी फर्लो, कोर्ट ने की ख़ारिज!

गाजियाबाद में 3 साइबर ठग गिरफ्तार, 19 राज्यों में 136 वारदातों को दिया अंजाम!

दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को सख्त चेतावनी दी!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,272फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
334,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें