न्यायिक हिरासत के बाद पुलिस ने केआरके का पिस्टल लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया की शुरू

ओशिवारा फायरिंग केस में पुलिस का एक्शन

न्यायिक हिरासत के बाद पुलिस ने केआरके का पिस्टल लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया की शुरू

Following his judicial custody, the police have initiated the process to cancel KRK's pistol license.

मुंबई के ओशिवारा फायरिंग मामले में अभिनेता कमाल राशिद खान उर्फ केआरके की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मंगलवार(27 जनवरी ) को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि केआरके ने फायरिंग करने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद उनके हथियार लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वर्सोवा पुलिस ने केआरके के हथियार लाइसेंस को रद्द करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, केआरके के पास 7.76 मिमी की जर्मन-निर्मित मौज़र पिस्टल लाइसेंस पर थी। इस संबंध में जरूरी दस्तावेज पुलिस आयुक्त कार्यालय को भेज दिए गए हैं। उधर, केआरके की ओर से उनकी वकील सना खान ने जमानत याचिका दायर की है, जिस पर आज सुनवाई होने की संभावना है।

पुलिस ने अदालत से आगे की हिरासत की मांग यह कहते हुए की थी कि घटना में इस्तेमाल किए गए सभी कारतूस अभी बरामद नहीं हुए हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि कथित तौर पर दो राउंड फायर किए गए थे, लेकिन मौके से केवल एक खाली खोखा ही मिला है। पुलिस के अनुसार, इस लाइसेंसी पिस्टल में सात गोलियां रखी जा सकती हैं और शेष गोलियों का पता लगाना अभी बाकी है। एक अधिकारी ने यह भी कहा कि केआरके ने पुलिस को बताया है कि बची हुई गोलियां उत्तर प्रदेश में उनके भाई के पास हैं और वे जमानत मिलने के बाद उन्हें सौंप देंगे।

जब अदालत को बताया गया कि इस फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ, तो मजिस्ट्रेट ने आगे की पुलिस हिरासत की जरूरत पर सवाल उठाया। अदालत ने यह भी पूछा कि फायरिंग की जगह और शिकायतकर्ता के घर के बीच कितनी दूरी है। पुलिस ने यह दूरी 400 से 500 मीटर बताई, जबकि केआरके की वकील सना खान ने इसे करीब एक किलोमीटर बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गोली इतनी दूरी तक जा सकती है, जिस पर पुलिस ने जवाब दिया कि यह संभव है।

वकील सना खान ने यह भी दलील दी कि केआरके की गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार नहीं हुई, क्योंकि गिरफ्तारी से पहले नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस पहले ही हथियार जब्त कर चुकी है और घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं है। उनके अनुसार, यह मामला अधिकतम गोला-बारूद के हिसाब-किताब से जुड़ा उल्लंघन हो सकता है, जो आर्म्स एक्ट के तहत एक मामूली अपराध है और जिसमें जुर्माना या छह महीने तक की सजा का प्रावधान है।

पुलिस के मुताबिक, 18 जनवरी को नालंदा बिल्डिंग में स्थित पटकथा लेखक नीरज मिश्रा और मॉडल प्रतीक बैद के फ्लैट में दो गोलियां अलमारी और दीवार में फंसी हुई पाई गई थीं। यह इमारत केआरके के बंगले से करीब 300 मीटर दूर बताई जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि एआई-आधारित टूल की मदद से गोली की दिशा और आवाज के पैटर्न का विश्लेषण किया गया, जिससे कथित तौर पर फायरिंग को केआरके के हथियार से जोड़ा गया है।

फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस बाकी गोलियों की बरामदगी तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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