केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (2 मार्च) को पश्चिम बंगाल में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बॅनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। मथुरापुर में आयोजित परिवर्तन रैली में शाह ने कहा कि फिलहाल मतदाता सूची से “केवल घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं लेकिन जैसे ही भारतीय जनता पार्टी राज्य में बहुमत हासिल करेगी, हर घुसपैठिए को बंगाल से बाहर कर दिया जाएगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को “घुसपैठियों के लिए स्वर्ग” बना दिया है। शाह ने कहा, “बंगाल एक सीमावर्ती राज्य है। टीएमसी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती क्योंकि वे घुसपैठ की अनुमति देते हैं। केवल भाजपा ही बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्य को सुरक्षा दे सकती है।”
यह बयान 28 फरवरी को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी मतदाता सूची के संदर्भ में आया, जिसमें नवंबर से अब तक 63.66 लाख नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई। इससे मतदाताओं की कुल संख्या घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है।
शाह ने कहा, “मैं हिंदू शरणार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनमें से एक भी अपनी नागरिकता नहीं खोएगा। अभी केवल नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और ममता दीदी घबराई हुई हैं। भाजपा सरकार बनने के बाद हम हर घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें बाहर करेंगे।”
उन्होंने ममता बनर्जी पर सीमा सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि भ्रष्टाचार और घुसपैठ भाजपा की सरकार आने के बाद समाप्त होगी। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री “मंदिरों का उद्घाटन करने में व्यस्त हैं जबकि बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण की अनुमति दे रही हैं।”
अभिषेक बनर्जी पर निशाना
शाह ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार राज्य के लोगों के बजाय अभिषेक बॅनर्जी के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी का उद्देश्य बंगाल के लोगों का कल्याण नहीं है। वह अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना चाहती हैं।”
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा, “आपका नाम टीएमसी की सूची में नहीं हो सकता, आपका नाम केवल नरेंद्र मोदी की पार्टी की सूची में हो सकता है। भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो परिवारवाद की राजनीति नहीं करती।”
शाह ने रवींद्रनाथ टैगोर के ‘सोनार बांग्ला’ के सपने का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इसे साकार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी टीएमसी को वोट दिया गया तो “भाईपो” शासन करेगा।
पंचायत चुनाव हिंसा और कड़ा संदेश
राज्य के पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हुए, कई लोगों की जान गई और कई अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी, क्या आपको लगता है कि भाजपा आपके हमलों से डर जाएगी? हममें इसे सहने की ताकत है। कमल की सरकार लाओ, हम ममता बनर्जी के गुंडों को उल्टा लटका कर सीधा कर देंगे और सबको जेल भेजेंगे।”
शाह ने स्पष्ट किया कि “परिवर्तन” का अर्थ केवल मुख्यमंत्री बदलना नहीं, बल्कि बंगाल को घुसपैठ और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में नौ परिवर्तन यात्राएं निकाली जा रही हैं। कुछ यात्राओं का शुभारंभ पहले ही हो चुका है, जिनका उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने किया।
यह अभियान 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्यव्यापी राजनीतिक मुहिम का हिस्सा है, जो लगभग 5,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसका समापन कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल रैली के साथ प्रस्तावित है।
गृहमंत्री शाह ने घोषणा की कि भाजपा सरकार बनने पर 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बेरोजगारी के मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है और केवल सब्सिडी की राजनीति कर रही है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि 26 दिसंबर से सभी रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और युवाओं को पांच वर्ष की विशेष आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार महंगाई भत्ते के भुगतान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर रही है।
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