कमर्शियल सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार (28 नवंबर) को कहा कि भारत-US बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) का पहला फेज़ इस साल के आखिर तक पूरा हो सकता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच ज़्यादातर मसले सुलझ गए हैं। अग्रवाल के मुताबिक, भारत इस कैलेंडर साल में US के साथ ट्रेड डील को लेकर उम्मीद लगाए हुए है। हालांकि, कुछ ऐसे एरिया हैं जहां भारत कोई समझौता नहीं कर सकता।
राष्ट्रीय राजधानी में FICCI की 98वीं एनुअल जनरल मीटिंग और एनुअल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे 2025 तक भारत-US ट्रेड डील का पहला फेज़ पूरा करने के लिए कमिटेड हैं और इस दिशा में चीजें काफी हद तक आगे बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री ने BTA को लेकर US के साथ बातचीत की है और रेसिप्रोकल टैरिफ के मुद्दे पर भी बड़ी चर्चा हुई है।
भारत US के साथ दो लेवल पर बातचीत कर रहा है: बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट के लिए और रेसिप्रोकेटिंग टैरिफ हटाने के लिए। गरवाल ने कहा कि जब US रेसिप्रोकेटिंग टैरिफ हटा देगा, तो यह एग्रीमेंट इंडियन एक्सपोर्ट के लिए फायदेमंद होगा। अग्रवाल ने गुरुवार को पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी को बताया कि US को इंडिया का एक्सपोर्ट बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश BTA पर रेगुलर वर्चुअल बातचीत कर रहे हैं और पहला फेज़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप पहले ही US-इंडिया रिश्तों को मजबूत करने के लिए पॉजिटिव सिग्नल दे चुके हैं, इसलिए दुनिया की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी के बीच जल्द ही एक बाइलेटरल ट्रेड डील साइन होने की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा है कि वह इंडिया पर लगाए गए “टैरिफ” को कम करने का प्लान बना रहे हैं, जिससे पता चलता है कि ट्रेड बातचीत में जल्द ही कुछ प्रोग्रेस हो सकती है।
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