“जो राष्ट्र तैयार रहते हैं, वही टिकते हैं।”

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की वार्षिक प्रेस कॉन्फरेंस

“जो राष्ट्र तैयार रहते हैं, वही टिकते हैं।”

Indian-Army-chief-upendra-dwivedi-operation-sindoor

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार (13 जनवरी) को कहा कि वर्ष 2025 में सुरक्षा के क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति संतोषजनक रही है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारत की तत्परता, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। साथ ही सेना प्रमुख ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि यह आज की वैश्विक वास्तविकता को दर्शाता है कि “जो राष्ट्र तैयार रहते हैं, वही टिकते हैं।”

भारतीय सेना की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने लोहड़ी, वेटरन्स डे और आर्मी डे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय मीडिया की भी सराहना की और कहा कि सेना और देश के बीच सेतु का काम करने में मीडिया की “महत्वपूर्ण भूमिका” रही है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की कवरेज को इसका उदाहरण बताते हुए इसे  देशभक्ति से भरी और अत्यंत उत्साही करार दिया।

सेना प्रमुख ने कहा, “पिछले वर्ष दुनिया भर में सशस्त्र संघर्षों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। ये वैश्विक बदलाव एक सरल वास्तविकता को रेखांकित करते हैं — जो राष्ट्र तैयार रहते हैं, वही टिकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में, सीमा पार आतंकवाद के प्रति भारत की संतुलित और दृढ़ प्रतिक्रिया, ऑपरेशन सिंदूर ने हमारी तत्परता, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को प्रदर्शित किया।”

जनरल द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2025 में दिए गए ‘JAI — जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता, इनोवेशन’ के आह्वान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा जनवरी 2025 में सुधारों के वर्ष की घोषणा और भारतीय सेना के अपने दशक-भर के परिवर्तन प्रयासों के चलते, “हम वर्ष 2025 के दौरान हुई प्रगति से न्यायसंगत रूप से अत्यंत संतुष्ट हो सकते हैं।”

सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद की स्थिती को स्पष्ट करते हुए कहा, “ऑपेरेशन सिंदूर के बाद, आतंकवादियों द्वारा शुरू की गई घटनाएं लगभग बंद हो गई हैं। गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने J&K में अपनी मौजूदगी कम कर दी है या वहां से कोई सैनिक वापस बुलाए हैं। हमने दबाव का वही स्तर बनाए रखा है। पश्चिमी तरफ के कैंपों की बात करें तो, वहां अभी भी आठ कैंप एक्टिव हैं, ऐसा लगता है कि वहां लगभग 100 से 150 लोग हो सकते हैं। जहां तक ​​राजनीतिक बयानबाजी की बात है, या पाकिस्तान की बात है, वे पूरी तैयारी कर रहे हैं। पाकिस्तान उन लोगों का समर्थन कर रहा है जो कट्टरपंथ को बढ़ावा देते हैं और लोगों को यहां आने के लिए प्रेरित करते हैं। फंडिंग के बारे में, क्योंकि तरीके बदल गए हैं, इसलिए मैं तुरंत इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा। जहां तक ​​हमारी सतर्कता की बात है, लाइन ऑफ कंट्रोल पर सतर्कता पूरी है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर जारी है।”

पूर्वी मोर्चे पर स्थिति का जिक्र करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, “इस मोर्चे पर हमारी रणनीतिक प्राथमिकता के साथ, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हमारी तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है। साथ ही, समग्र सरकारी दृष्टिकोण के तहत क्षमताओं का विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण जारी है।”

पश्चिमी मोर्चे पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद की कार्रवाई को याद करते हुए कहा कि “उच्चतम स्तर पर निर्णायक प्रतिक्रिया देने का स्पष्ट निर्णय लिया गया।” उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की परिकल्पना और क्रियान्वयन सटीकता के साथ किया गया। 7 मई को 22 मिनट की शुरुआत से लेकर 10 मई तक 88 घंटे चली समन्वित कार्रवाई ने गहराई में प्रहार कर आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त किया और लंबे समय से चली आ रही परमाणु बयानबाज़ी को बेअसर किया।”

उन्होंने आगे कहा कि सेना ने नौ में से सात लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया और इसके बाद पाकिस्तान की कार्रवाइयों के प्रति संतुलित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। सेना प्रमुख ने दोहराया कि “ऑपरेशन सिंदूर जारी है और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा।”

जनरल द्विवेदी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों, नागरिक निकायों, राज्य प्रशासन और गृह मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा रेल मंत्रालय जैसे विभिन्न मंत्रालयों की सक्रिय भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर स्पष्ट राजनीतिक निर्देश और कार्रवाई की पूर्ण स्वतंत्रता के तहत त्रि-सेवा समन्वय का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण था।”

यह भी पढ़ें:

भारत में X पर कारवाई के बाद ब्रिटेन ला रहा कानून; AI द्वारा सहमति बिना अंतरंग तस्वीरें बनाने पर लगेगी रोक

ICC T20 विश्वकप 2026: आसिफ नज़रुल के दावों से इनकार, ICC ने बांग्लादेश बोर्ड के सुरक्षा दावों को किया ख़ारिज

BRICS इंडिया का लोगो हुआ लॉन्च: विदेश मंत्री जयशंकर ने ‘साझा चुनौतियों’ का सामना करने पर दिया जोर

Exit mobile version