कर्नाटक में शुक्रवार (12 सितंबर) को दो अलग-अलग जिलों में भोजन से कथित तौर पर हुई विषाक्तता (फूड प्वाइज़निंग) की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। बेलगावी और विजयनगर जिलों में कुल 80 से अधिक स्कूली बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
बेलगावी जिले के हिरेकोडी गाँव स्थित सरकारी मोरारजी देसाई आवासीय विद्यालय में शुक्रवार सुबह नाश्ता करने के बाद करीब 60 छात्र-छात्राएँ अचानक बीमार पड़ गए। बच्चों को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत चिकोड़ी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया है और सूत्रों ने बताया कि सभी छात्र खतरे से बाहर हैं। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस एमएलसी प्रकाश हुकेरी अस्पताल पहुँचे और बच्चों के इलाज की निगरानी की। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने अब तक फूड प्वाइज़निंग के सटीक कारण का पता नहीं लगाया है।
इसी दिन एक और घटना विजयनगर जिले के हरपनहल्ली तालुक के ई. बेविनहल्ली गाँव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सामने आई। यहाँ भी मध्याह्न भोजन करने के बाद 25 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। कुछ बच्चों ने खाना खाते समय ही उल्टी कर दी और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भोजन में छिपकली गिर गई थी, जिसे रसोइयों ने अनदेखा कर दिया और यही हादसे की वजह बनी। बीमार बच्चों को हरपनहल्ली सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ अधिकांश की हालत स्थिर है। डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी बच्चे में गंभीर लक्षण नहीं पाए गए और सभी खतरे से बाहर हैं।
गौरतलब है कि इसी साल 18 मार्च को मैसूरु जिले के टी. कागेपूरा गाँव में होली उत्सव के दौरान तैयार भोजन खाने से दो लोगों की मौत हो गई थी और 40 से अधिक बीमार हो गए थे। उस घटना में मेघालय से आए 22 छात्र भी शामिल थे, जिनमें से दो की मौत हो गई थी।
इन लगातार घटनाओं ने स्कूलों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल दोनों ताज़ा मामलों में स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।
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