लेफ्टिनेंट जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया गया है। पदभार ग्रहण करने की तारीख से वे सैन्य मामलों के विभाग (Department of Military Affairs) के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। वे पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल इस वर्ष 30 मई को समाप्त हो रहा है। वर्तमान में लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। वे पिछले वर्ष 31 जुलाई को उप थलसेना प्रमुख (VCOAS) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
भारतीय सेना में अपने 39 वर्षों के लंबे करियर के दौरान उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी सेवाएं दीं। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM), सेना पदक (SM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया गया है। 14 दिसंबर 1985 को उन्हें गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था।
अपने लगभग चार दशकों के सैन्य जीवन में उन्होंने विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों और संघर्ष स्थितियों में नेतृत्व किया। उन्होंने ऑपरेशन राइनो के तहत असम में आतंकवाद विरोधी अभियानों में 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और मध्य क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 17 माउंटेन डिवीजन का नेतृत्व किया। उन्हें पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फोर्स 2 कॉर्प्स की कमान संभालने का भी गौरव प्राप्त है।
वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन होंगे नौसेना प्रमुख
एक अन्य महत्वपूर्ण सैन्य नियुक्ति में, वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में पश्चिमी नौसेना कमान के कमांडर के रूप में कार्यरत हैं। मौजूदा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी 31 मई को सेवानिवृत्त होंगे, जिसके बाद उसी दिन वाइस एडमिरल स्वामीनाथन पदभार ग्रहण करेंगे।
अपने नौसैनिक करियर में एडमिरल स्वामीनाथन ने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान संभाली है। इसके अलावा उन्होंने गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मैसूर, मिसाइल कॉर्वेट आईएनएस कुलिश और मिसाइल पोत आईएनएस विद्युत तथा आईएनएस विनाश का भी नेतृत्व किया है।
1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुए एडमिरल स्वामीनाथन संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के अलावा महाराष्ट्र के करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर, ब्रिटेन के श्रिवेनहैम स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज तथा अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित यूनाइटेड स्टेट्स नेवल वॉर कॉलेज से भी शिक्षा प्राप्त की है।
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