महाराष्ट्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान के दौरान अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 67.54 मीट्रिक टन सिंगल-यूज प्लास्टिक जब्त किया है। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर ₹1.55 करोड़ का जुर्माना भी वसूला गया है। यह जानकारी मंगलवार(10 मार्च) को राज्य विधानसभा में दी गई।
राज्य की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने सदन में लिखित जवाब में बताया कि यह कार्रवाई अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच की गई। इस दौरान अधिकारियों ने पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया और प्लास्टिक के अवैध उपयोग पर सख्ती दिखाई।
मंत्री के अनुसार इस अवधि में 1.24 लाख से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 3,390 प्रतिष्ठानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई और उनसे कुल ₹1.55 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र जैव-निम्नीकरणीय कचरा (नियंत्रण) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत की गई। राज्य सरकार ने पहले ही एक अधिसूचना जारी कर सिंगल-यूज प्लास्टिक कैरी बैग, चाहे उनमें हैंडल हो या न हो और 50 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक बैग के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। यह नियम विशेष रूप से किराना दुकानों और अन्य खुदरा प्रतिष्ठानों पर लागू होता है।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने भी वर्ष 2021 में जारी अधिसूचना के तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक से बने गिलास और चम्मच जैसे उत्पादों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था। राज्य सरकार के अनुसार इन प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार निगरानी और प्रवर्तन अभियान चलाए जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि जब्त किए गए 67.54 मीट्रिक टन प्लास्टिक में मुख्य रूप से ऐसे उत्पाद शामिल थे जो एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाते हैं और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। यह मुद्दा विधानसभा में भाजपा विधायक प्रवीण दटके और उनके चार अन्य सहयोगियों द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में सामने आया।
सरकार का कहना है कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्यभर में ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर लगातार निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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