महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कटोल तहसील स्थित राउलगांव में रविवार (1 मार्च)सुबह एक विस्फोटक निर्माण यूनिट में हुए भीषण धमाके में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार यह विस्फोट सुबह लगभग 7 बजे हुआ। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया।
धमाका एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की फैक्ट्री में हुआ, जो खनन और औद्योगिक उपयोग के लिए विस्फोटक और डेटोनेटर बनाने में विशेषज्ञता रखती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विस्फोट डेटोनेटर पैकिंग सेक्शन में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद विशाल आग का गोला और घना धुआं पूरे परिसर में फैल गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मलबा आसपास के इलाके में बिखर गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और घायलों को तुरंत नागपुर के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इलाके को सील कर दिया गया है ताकि किसी और अनहोनी को रोका जा सके। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष से यह एसबीएल एनर्जी लिमिटेड संयंत्र में दूसरा बड़ा विस्फोट है। फरवरी 2025 में भी यहां हुए धमाके में 10 लोगों की जान गई थी। कंपनी ने सितंबर 2025 में एआई आधारित सुरक्षा निगरानी प्रणाली लागू करने का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद दोबारा हुई घटना ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं और वह स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
नागपूर जिल्ह्यातील राऊळगाव येथे स्फोटकांच्या एका फॅक्टरीत झालेल्या स्फोटाची घटना अतिशय दुर्दैवी आणि दुःखद आहे.
मी स्थानिक प्रशासनाशी सातत्याने संपर्कात आहे. जिल्हाधिकारी, पोलिस अधीक्षक हे तातडीने घटनास्थळी पोहोचले आहेत. एनडीआरएफ, एसडीआरएफचे पथक सुद्धा घटनास्थळी आहे. ‘पेसो’ आणि…— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 1, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन का कहना है कि घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी।
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