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श्रीनगर: खामेनेई की मौत पर मुसलमानों का प्रदर्शन, लाल चौक में काले झंडों के साथ शोक मार्च

शिया समुदाय के आह्वान पर सड़क पर उतरे लोग, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व CRPF की तैनाती

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अमेरिका–इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में ईरान पर कब्ज़ा कर बैठी इस्लामी रिजीम के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में रविवार (1 मार्च) को मुस्लिम समुदाय द्वारा प्रदर्शन देखने को मिले। शहर के कई हिस्सों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया और शांति मार्च निकाला।

प्रदर्शन मुख्य रूप से शिया समुदाय की ओर से आयोजित किए गए, हालांकि कई स्थानों पर सुन्नी मुस्लिम भी उनके साथ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सैदा कदल इलाके सहित अन्य हिस्सों में मार्च करते हुए अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। शहर के केंद्र लाल चौक में बड़ी संख्या में लोग काले झंडे लेकर एकत्र हुए और खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया।

यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर वाहनों को डायवर्ट किया। प्रशासन ने एहतियातन श्रीनगर के जादिबल क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त तैनाती की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।

बडगाम जिले और घाटी के अन्य शिया बहुल इलाकों से भी इसी तरह के प्रदर्शनों की खबरें मिली हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, हालांकि सुरक्षा बल सतर्क बने हुए हैं।

कश्मीर के शिया समुदाय का ईरान से धार्मिक जुड़ाव रहा है। समुदाय के कई प्रमुख नेता और विद्वान ईरान में धार्मिक शिक्षा लेकर आते रहें है। विशेषज्ञों का मानना है की इन समुदायों के लिए ईरान के मजहबी शासक किसी भी अन्य भावना से अधिक महत्व रखते आए है।

इतिहासकारों के अनुसार, कश्मीर में इस्लाम के प्रसार में फारसी सूफी संत मीर सैयद अली हमदानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने अपने उपदेशों, लेखन और फारसी शिल्प परंपराओं के माध्यम से क्षेत्र की मजहबी पहचान को प्रभावित किया। श्रीनगर स्थित खानकाह-ए-मौला आज भी उसका प्रतिक है।

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के प्रभाव से घाटी में उत्पन्न संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्क हैं।

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