महाराष्ट्र: मुंबई का पहला एलिवेटेड नेचर ट्रेल वॉकवे खोला गया, पर्यटकों ने साझा किये अपना अनुभव!

इस परियोजना का निर्माण बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) ने किया है और यह सिंगापुर में विकसित ट्री टॉप वॉक के समान मुंबई में पहली बार विकसित किया गया है।

महाराष्ट्र: मुंबई का पहला एलिवेटेड नेचर ट्रेल वॉकवे खोला गया, पर्यटकों ने साझा किये अपना अनुभव!

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मुंबई का पहला एलिवेटेड नेचर ट्रेल वॉकवे रविवार को मुंबई वासियों के लिए खोला गया। यह वॉकवे दक्षिण मुंबई के कमला नेहरू पार्क से शुरू होकर मालाबार हिल के जंगलों से होते हुए गिरगांव चौपाटी तक जाता है। वॉकवे का अंतिम हिस्सा पर्यटकों को अरब सागर के दृश्य का आनंद लेने का अवसर प्रदान करेगा।

आम नागरिकों के लिए टिकट की कीमत 25 रुपये होगी, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए यह 100 रुपये तय की गई है। इस परियोजना का निर्माण बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) ने किया है और यह सिंगापुर में विकसित ट्री टॉप वॉक के समान मुंबई में पहली बार विकसित किया गया है।

वॉकवे के निर्माण से मुंबईकरों और पर्यटकों को एक नया और शानदार अनुभव मिलेगा। पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, और वॉकवे की निगरानी के लिए एक एक्सेस कंट्रोल सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे पर्यटकों की संख्या नियंत्रित की जा सकेगी। इसके अलावा, आपातकालीन मार्गों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।

पर्यटकों का कहना है कि यह वॉकवे बहुत ही आकर्षक और अद्भुत है। यहां घूमने आए पर्यटक स्नेहल शाह ने कहा, “आज पहला दिन है, और मैं यहां आकर बहुत खुश हूं। यह पूरी तरह से लकड़ी से बनाया गया है, और यहां आकर ऐसा लगता है जैसे हम स्वर्ग में आ गए हैं। यह बहुत उम्दा है और यहां पर पशु-पक्षी भी देखने को मिलते हैं।”

एक अन्य पर्यटक अनुराग त्रिपाठी ने कहा, “मुझे जबसे इस वॉकवे के बनने के बारे में पता चला था, तबसे मैं इसके खुलने का इंतजार कर रहा था। यह नेचर ट्रेल सिंगापुर में था, और अब भारत में भी खुल गया है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए एक बेहतरीन अनुभव है। बीएमसी ने इस पर बहुत अच्छा काम किया है, और पक्षियों का विवरण भी दिया है, जो इसे और भी दिलचस्प बनाता है।”

अनुराग त्रिपाठी के पुत्र अविरव त्रिपाठी ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हमें यहां घूमकर बहुत मजा आया। जब मैंने सुना था कि इसके निर्माण में देरी हो रही है, लेकिन जब मेरे पापा ने मुझे बताया कि हम यहां आ रहे हैं, तो मैं बहुत खुश हो गया। मैं इसका अनुभव अपने सभी दोस्तों के साथ साझा करूंगा।”

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