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1 जुलाई से सभी वीगन खाद्य उत्पादों पर होगा अनिवार्य ‘V’ लोगो, FSSAI ने जारी किए नए नियम

उपभोक्ताओं को होगी पहचान में आसानी, वीगन उत्पादों के लिए मानकीकृत लेबलिंग लागू करेगी खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण

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देश में वीगन खाद्य उत्पादों की पहचान को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। नए नियमों के तहत 1 जुलाई 2027 से सभी स्वीकृत वीगन खाद्य उत्पादों के पैकेट पर मानकीकृत हरे रंग का ‘VEGAN’ लोगो लगाना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पादों की सही जानकारी उपलब्ध कराना और भ्रामक दावों पर रोक लगाना है।

FSSAI ने ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (वीगन फूड्स) संशोधन विनियम, 2026’ के तहत यह व्यवस्था लागू की है। प्राधिकरण का कहना है कि यह लोगो केवल एक प्रचारात्मक चिह्न नहीं होगा, बल्कि एक अनिवार्य नियामक आवश्यकता होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी उत्पाद को वीगन बताने का दावा निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।

नए नियमों के अनुसार, जिस भी खाद्य उत्पाद पर ‘VEGAN’ लोगो होगा, वह पूरी तरह पशु-आधारित सामग्री से मुक्त होना चाहिए। इसमें दूध, दही, पनीर, मक्खन, अंडे, शहद, जिलेटिन तथा अन्य पशु-उत्पादों से प्राप्त किसी भी सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इस प्रकार उपभोक्ता केवल लोगो देखकर यह समझ सकेंगे कि संबंधित उत्पाद पूरी तरह पौधों पर आधारित है।

FSSAI ने कहा है कि उद्योगों को नए नियमों के अनुरूप पैकेजिंग और लेबलिंग में बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। जुलाई 2027 तक कंपनियां अपने उत्पादों के पैकेज, सामग्री विवरण और प्रमाणन प्रक्रियाओं को अपडेट कर सकेंगी। इसके बाद बाजार में उपलब्ध प्रत्येक अनुमोदित वीगन उत्पाद पर निर्धारित लोगो प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

खाद्य नियामक ने इस संशोधन को 21 मई को अधिसूचित किया था। इसके बाद 5 जून को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक पोस्ट में FSSAI ने इसकी जानकारी साझा की। प्राधिकरण ने कहा कि यह कदम मानकों के अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पिछले कुछ वर्षों में वीगन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ी है। स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों के कारण बड़ी संख्या में लोग पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में एक समान और स्पष्ट लेबलिंग व्यवस्था उपभोक्ताओं को बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगी।

FSSAI का यह निर्णय भारत को उन देशों की श्रेणी में शामिल करता है जहां वीगन उत्पादों की पहचान के लिए मानकीकृत प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। इससे घरेलू बाजार में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ उत्पादकों को भी सामग्री के बारे में स्पष्ट जानकारी देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

वीगन उत्पादों में सोया आधारित खाद्य पदार्थ, बादाम और काजू का दूध, नारियल आधारित चीज़, मटर प्रोटीन से बने बर्गर सहित कई अन्य पौधों पर आधारित विकल्प शामिल हैं। इसके अलावा फल, सब्जियां, दालें, अनाज, मेवे और बीज भी प्राकृतिक रूप से वीगन श्रेणी में आते हैं।

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