झारखंड के हजारीबाग जिले में बीती रात नक्सलियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) से जुड़े उग्रवादियों ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की तापीन नॉर्थ परियोजना पर धावा बोलते हुए आउटसोर्सिंग कंपनी आरकेएस की छह गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। दर्जनों की संख्या में हथियारबंद नक्सली अचानक परियोजना स्थल पहुंचे। उन्होंने वहां खड़े पोकलेन, डंपर और अन्य भारी वाहनों को कब्जे में लेकर उनमें भरे डीजल-पेट्रोल को बाहर निकाला और एक-एक कर आग लगा दी। कुछ ही देर में आग की ऊंची लपटों और धुएं से पूरा इलाका दहल उठा।
हमले के दौरान ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटरों और मजदूरों को भी नहीं बख्शा गया। नक्सलियों ने उनके साथ मारपीट की और चेतावनी दी कि अगर कंपनी ने तत्काल काम बंद नहीं किया, तो परिणाम और गंभीर होंगे। जाते-जाते उग्रवादियों ने संगठन के नाम से पोस्टर भी छोड़े।
आरकेएस कंपनी बीते चार वर्षों से इस परियोजना में आउटसोर्सिंग के आधार पर कोयला खनन का कार्य कर रही है। माना जा रहा है कि नक्सली संगठन कंपनी से लेवी (रंगदारी) वसूलने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही चरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने की कोशिश की गई और नक्सलियों द्वारा छोड़े गए पोस्टर बरामद किए गए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और परियोजना स्थल पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब नक्सलियों ने इस इलाके को निशाना बनाया हो। 23 जून की रात हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में भी सड़क निर्माण साइट पर हथियारबंद अपराधियों ने हमला कर कई वाहनों को जला डाला था। उस वारदात में दो जेसीबी, दो हाइवा ट्रक, ग्रेडर, पानी टैंकर और जेनरेटर राख हो गए थे।
हाल के दिनों में झारखंड के कई इलाकों में नक्सली संगठन कोयला कंपनियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर हमले तेज कर चुके हैं। इन घटनाओं से यह साफ है कि नक्सली अब भी खनन परियोजनाओं और बुनियादी ढांचा कार्यों को अपना प्रमुख निशाना बनाए हुए हैं।
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